भारत और अमेरिका के बीच रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम सोमवार को न्यूयॉर्क में उठाया गया। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने इस दौरान आपसी साझेदारी को और गहरा करने और नए क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। रुबियो ने मुलाकात के बाद कहा कि भारत अमेरिका का बेहद अहम साझेदार है और दोनों देश व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, दवाइयों और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में मिलकर काम कर रहे हैं।
करीब एक घंटे चली बातचीत में हिंद-प्रशांत क्षेत्र की शांति और स्थिरता पर विशेष ध्यान दिया गया। दोनों नेताओं ने क्वाड (भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया) के जरिए सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई। जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि उन्होंने रुबियो के साथ आपसी और वैश्विक मुद्दों पर खुलकर बातचीत की और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए नियमित संपर्क बनाए रखने का फैसला किया। वहीं रुबियो ने भी कहा कि भारत-अमेरिका सहयोग दोनों देशों में खुशहाली बढ़ाने में सहायक होगा।
Good to meet @SecRubio this morning in New York.
Our conversation covered a range of bilateral and international issues of current concern. Agreed on the importance of sustained engagement to progress on priority areas.
We will remain in touch.
🇮🇳 🇺🇸 pic.twitter.com/q31vCxaWel
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) September 22, 2025
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब पिछले कुछ महीनों में भारत और अमेरिका के बीच रिश्तों में तनाव देखा गया है। खासकर रूस से तेल खरीद और व्यापारिक टैरिफ को लेकर विवाद गहराया था। ट्रंप प्रशासन ने भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया था, जिससे कुल शुल्क 50% हो गया—जो दुनिया में सबसे ऊंचे स्तरों में से एक है। इसके अलावा, हाल ही में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H1B वीज़ा पर 1,00,000 डॉलर का भारी शुल्क लगाने की घोषणा की थी, जिससे भारतीय आईटी और मेडिकल पेशेवरों में चिंता बढ़ गई है।
Met with Indian External Affairs Minister @DrSJaishankar at UNGA. We discussed key areas of our bilateral relationship, including trade, energy, pharmaceuticals, and critical minerals and more to generate prosperity for India and the United States. pic.twitter.com/5dZJAd85Za
— Secretary Marco Rubio (@SecRubio) September 22, 2025
इसके बावजूद, दोनों देशों ने व्यापारिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। इसी दिन भारत और अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौते को जल्द पूरा करने पर भी चर्चा हुई। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकात की। दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 191 अरब डॉलर से बढ़ाकर 500 अरब डॉलर करने का लक्ष्य तय किया है। हाल ही में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय की टीम भारत का दौरा कर इस दिशा में सकारात्मक बातचीत कर चुकी है।
जयशंकर ने न्यूयॉर्क में अन्य कई महत्वपूर्ण मुलाकातें भी कीं। उन्होंने यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों से अनौपचारिक बैठक की और यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह बातचीत भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी, यूक्रेन संकट, गाजा संघर्ष, ऊर्जा और व्यापार जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा का अवसर रही। इसके अलावा, उन्होंने दक्षिण-मध्य एशिया के लिए अमेरिकी विशेष दूत और राजदूत नामित सर्जियो गोर से भी मुलाकात की, जिन्होंने भारत-अमेरिका रिश्तों को और मजबूत करने की इच्छा जताई।
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