सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जून 2025 तिमाही में भारत की जीडीपी 7.8% की दर से बढ़ी, जो पिछले साल की इसी तिमाही की 6.5% की वृद्धि और पिछली तिमाही की 7.4% की दर से बेहतर है। यह विकास दर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 6.5% के अनुमान से भी अधिक रही है। हालांकि औद्योगिक विकास के मोर्चे पर कुछ दबाव बना रहा, लेकिन कृषि क्षेत्र ने बड़ा योगदान दिया। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की रिपोर्ट के अनुसार, कृषि क्षेत्र ने इस बार 3.7% की वृद्धि दर्ज की, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में मात्र 1.5% थी। सरकार का कहना है कि चालू वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था मजबूती के साथ आगे बढ़ेगी, हालांकि वैश्विक आर्थिक हालात और मानसून की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में वास्तविक GDP में 7.8% की वृद्धि का अनुमान लगाया गया है।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 29, 2025
भारत ने एक बार फिर दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था का खिताब बरकरार रखा है। तुलना करें तो चीन की जीडीपी ग्रोथ इसी अवधि में 5.2% रही। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी मामूली सुधार दर्ज किया गया और यह 7.7% की दर से बढ़ा, जबकि पिछले साल यह 7.6% था। गौरतलब है कि भारत की सबसे ऊंची हालिया जीडीपी ग्रोथ जनवरी-मार्च 2024 में देखी गई थी, जब अर्थव्यवस्था 8.4% की दर से आगे बढ़ी थी।
आरबीआई का 2025-26 के लिए अनुमान 6.5% का था, लेकिन अप्रैल-जून की 7.8% वृद्धि दर इस अनुमान से काफी अधिक साबित हुई है। यह प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में अमेरिका के भारी टैरिफ और वैश्विक अनिश्चितताओं का असर भारतीय विकास दर पर देखने को मिल सकता है।
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