मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के तराना कस्बे में सांप्रदायिक तनाव ने हिंसक रूप ले लिया। गुरुवार (22 जनवरी 2026) शाम विश्व हिंदू परिषद (VHP) के स्थानीय नेता सोहिल ठाकुर बुंदेला पर हुए जानलेवा हमले के बाद हालात बिगड़े और शुक्रवार (23 जनवरी 2026) को जुमे की नमाज के बाद बड़े पैमाने पर उपद्रव हुआ। हिंसा में सरकारी-निजी संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचा, जबकि इलाके में फिलहाल भारी पुलिस बल तैनात है।
पूरा विवाद गुरुवार शाम करीब 7:00–7:30 बजे शुरू हुआ, जब तराना के शुक्ला मोहल्ला में VHP की गौ सेवा प्रकोष्ठ के प्रमुख सोहिल ठाकुर बुंदेला मंदिर के पास अपने घर के बाहर खड़े थे। आरोप है कि कुछ मुस्लिम युवकों ने पहले उनसे विवाद किया और फिर पीछे से लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में सोहिल के सिर में गंभीर चोट आई, उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल और फिर उज्जैन रेफर किया गया। इस घटना में कुल छह लोग घायल बताए गए।
हमले की खबर फैलते ही दोनों पक्षों के लोग सड़कों पर उतर आए। गुरुवार रात पत्थरबाजी और तोड़फोड़ हुई, हालांकि पुलिस ने देर रात तक स्थिति पर काबू पा लिया। पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर पाँच नामजद आरोपितों को गिरफ्तार किया, जबकि एक मुख्य आरोपित फरार है। उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए धारा 163 BNSS के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी।
इसके बावजूद शुक्रवार को खेड़ी मोहल्ला स्थित तकिया मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद हालात फिर बिगड़ गए। नमाज खत्म होते ही बड़ी संख्या में मुँह पर कपड़ा बाँधे उपद्रवी सड़कों पर उतर आए। आरोप है कि भीड़ ने गलियों में पथराव किया, बस स्टैंड के पास खड़ी एक बस में आग लगा दी और कई वाहनों को तोड़-फोड़ का निशाना बनाया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तलवार, लाठी-डंडे और रॉड से लैस उपद्रवी हिंदू बहुल इलाकों की ओर बढ़े। महिलाओं ने आरोप लगाया कि भीड़ घरों में घुसने की कोशिश कर रही थी, गाली-गलौच कर रही थी और पूजा स्थलों को नुकसान पहुँचाने की धमकी दे रही थी। हिंदू मोहल्लों में जमकर पत्थरबाजी हुई, जिससे 4–6 घरों में तोड़फोड़ हुई और खिड़कियों-दरवाजों के शीशे टूट गए। कई दुकानों को भी निशाना बनाया गया। एक मंदिर के बाहर भी पत्थरबाजी हुई, हालांकि पूजा स्थल को बड़ा नुकसान नहीं पहुँचा।
हिंसा के दौरान कम से कम 13 बसें क्षतिग्रस्त हुईं, जिनमें से एक-दो को पूरी तरह आग के हवाले कर दिया गया। इसके अलावा 10 कारें और कई मोटरसाइकिलें तोड़ी-जलाई गईं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पुलिस की मौजूदगी में तोड़फोड़ और बस जलाने के दृश्य नजर आए, जिसके बाद प्रशासन पर भी सवाल उठे।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने तुरंत अतिरिक्त बल तैनात किया। जिले के 5 से 10 थानों से फोर्स बुलाई गई, ड्रोन से निगरानी की जा रही है और फ्लैग मार्च निकाला गया। CCTV फुटेज और वायरल वीडियो के आधार पर अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने सप्पन मिर्जा, ईशान मिर्जा, शादाब उर्फ इडली, सलमान मिर्जा, रिजवान मिर्जा और नावेद के खिलाफ जानलेवा हमले का केस दर्ज किया है, जिनमें से पाँच को गिरफ्तार किया जा चुका है।
उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि अब तक 15 से 20 लोगों को हिरासत में लिया गया है और आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दावोस से लौटते ही अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि हिंसा करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
इस बीच VHP और अन्य हिंदू संगठनों ने मुख्य आरोपित की तत्काल गिरफ्तारी और उसके घर पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग की है। तराना थाने के बाहर इसको लेकर प्रदर्शन भी किया गया। फिलहाल इलाके में तनाव बना हुआ है, लेकिन प्रशासन का दावा है कि हालात नियंत्रण में हैं।
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