मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। Benjamin Netanyahu ने देश के नाम संबोधन में घोषणा की कि इज़राइल और अमेरिका ने ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य ऑपरेशन शुरू किया है।
नेतन्याहू ने कहा कि यह ऑपरेशन ईरान के मौजूदा शासन से पैदा हुए अस्तित्व के खतरे को खत्म करने के लिए शुरू किया गया है और इसका उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर बयान जारी करते हुए कहा कि यह कार्रवाई इज़राइल की सुरक्षा और वैश्विक शांति के लिए जरूरी कदम है।
ट्रंप को दिया धन्यवाद
नेतन्याहू ने अपने संदेश में अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump को उनके समर्थन और नेतृत्व के लिए धन्यवाद दिया।
Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu tweets, "Just an hour ago, Israel and the United States embarked on an operation to remove the existential threat posed by the terrorist regime in Iran. I thank our great friend, President Donald Trump, for his historic leadership…This… https://t.co/1Hj91qh8FN pic.twitter.com/HjDWVCz07P
— ANI (@ANI) February 28, 2026
उन्होंने कहा कि अमेरिका और इज़राइल मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि ईरान परमाणु हथियारों से लैस न हो सके।
“ईरानी जनता को अपनी किस्मत तय करने का मौका मिलेगा”
नेतन्याहू ने कहा कि यह संयुक्त ऑपरेशन ईरान की जनता के लिए भी एक नया मौका पैदा करेगा, जिससे वे अपने भविष्य का फैसला खुद कर सकें।
उन्होंने कहा,
“हम साथ खड़े रहेंगे, साथ लड़ेंगे और साथ मिलकर इज़राइल की हमेशा रक्षा करेंगे।”
परमाणु हथियारों को बताया वैश्विक खतरा
इज़राइली प्रधानमंत्री ने कहा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी मानवता के लिए खतरा बन सकता है, इसलिए इसे रोकना जरूरी है।
उन्होंने दोहराया कि इज़राइल लंबे समय से यह स्पष्ट करता रहा है कि ईरान को न्यूक्लियर हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
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