बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने मंगलवार (20 जनवरी 2026) को सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) पोर्टल में एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा कर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया। सोमैया का दावा है कि नवंबर और दिसंबर 2025 के महज दो महीनों में CRS पोर्टल के जरिए एक लाख से अधिक फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी किए गए।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए किरीट सोमैया ने कहा कि यह मामला केवल भ्रष्टाचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी सिस्टम में सेंधमारी कर CRS पोर्टल को हैक किया गया और रिकॉर्ड में बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ की गई। सोमैया ने इसे देश के लिए “बेहद खतरनाक” बताया।
उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के जलगांव, पारोला और यवतमाल के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के रायबरेली और अलीगढ़ जिलों में चौंकाने वाली अनियमितताएं सामने आई हैं। कुछ ऐसे गांवों के रिकॉर्ड मिले हैं, जहां आबादी 1,000 से 1,500 के बीच है, लेकिन जन्म पंजीकरण 10,000 से 27,000 तक दर्ज पाए गए।
1 lac Birth Registration- Interstate ScamScam
Over 1 lac Forged Birth Registrations were made by hacking the mobile phones and email IDs of Grampanchayat's, villagers and illegally accessing the CRS portal
Govt birth registration portal (Central Registration System – CRS… pic.twitter.com/DTHTD538v5
— Kirit Somaiya (@KiritSomaiya) January 22, 2026
सबसे गंभीर बात यह है कि इन फर्जी रजिस्ट्रेशनों में करीब 99 प्रतिशत प्रमाण पत्र 20 से 60 साल की उम्र के लोगों के नाम पर बनाए गए हैं, जो पूरे मामले को और भी संदिग्ध बनाता है। सोमैया के अनुसार, अब तक इस घोटाले में शामिल एक अंतरराज्यीय गिरोह के आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस रैकेट का मुख्य आरोपित अवधेश कुमार दुबे बताया जा रहा है, जिसने कंप्यूटर सिस्टम के जरिए सरकारी एंट्री में हेरफेर कर फर्जी रिकॉर्ड तैयार किए।
किरीट सोमैया ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (DGP) सदानंद दाते से मुलाकात की है और जल्द ही इस पूरे मामले को केंद्र सरकार के सामने नई दिल्ली में उठाया जाएगा। उनका आरोप है कि इन फर्जी जन्म प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल अवैध घुसपैठियों को भारतीय पहचान दिलाने और उन्हें वैध नागरिक बनाने के लिए किया जा रहा था।
उन्होंने दावा किया कि मुंबई में हजारों बांग्लादेशी नागरिक बिना वैध दस्तावेजों के हॉकर के रूप में काम कर रहे हैं। मुंबई पुलिस और नगर निगम के सहयोग से मुलुंड रेलवे स्टेशन सहित कई इलाकों में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सोमैया ने शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करने वाले नेता ही इस तरह की कानूनी कार्रवाई में रोड़े अटका रहे हैं। सोमैया ने कहा कि 2026 में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में भाजपा ऐसे तत्वों को “मुँहतोड़ जवाब” देगी।
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