केरल के कैथोलिक पादरी जेम्स चेरिकल को नाबालिग लड़कियों से यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों में कनाडा में गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद टोरंटो के आर्चडायोसीज ने तत्काल कार्रवाई करते हुए फादर जेम्स को पादरी के पद से हटा दिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 60 वर्षीय फादर जेम्स चेरिकल केरल के सिरो-मालाबार चर्च से जुड़े हुए हैं, जो राज्य का एक प्रमुख कैथोलिक संप्रदाय है और रोम के अधीन आने वाले 23 प्राच्य चर्चों में शामिल है। वे पिछले लगभग तीन दशकों से टोरंटो आर्चडायोसीज के अंतर्गत विभिन्न पारिशों में सेवा दे रहे थे।
गिरफ्तारी के बाद सेंट जेरोम चर्च ने 25 दिसंबर से 3 जनवरी 2025 के बीच प्रस्तावित प्रार्थना सभाओं को रद्द कर दिया है। टोरंटो आर्चडायोसीज के अनुसार, फादर चेरिकल वर्ष 1997 से विभिन्न पारिशों में कार्यरत रहे हैं और पिछले वर्ष ही वे सेंट जेरोम चर्च में स्थानांतरित हुए थे।
फादर जेम्स ने केरल से आए कैथोलिक प्रवासियों के लिए स्थापित सिरो-मालाबार मिशन में भी सेवाएं दी थीं। बताया जा रहा है कि वे उन सैकड़ों केरल के पादरियों में शामिल हैं, जिन्हें विदेशों में चर्चों में पादरियों के रिक्त पद भरने के लिए भेजा गया था।
खबरों के मुताबिक, सिरो-मालाबार चर्च के कई पादरी कनाडा, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में कार्यरत हैं, जहां बड़ी संख्या में केरल के कैथोलिक परिवार बसे हुए हैं। कनाडा जाने से पहले जेम्स चेरिकल ने केरल के थामरस्सेरी धर्मप्रांत में भी विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं दी थीं।
फिलहाल मामले की जांच कनाडाई एजेंसियां कर रही हैं, जबकि चर्च प्रशासन ने उन्हें सेवा से हटाकर दूरी बना ली है।
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