गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक बेहद दुखद और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां तीन सगी नाबालिग बहनों की मौत हो गई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें कथित तौर पर कोरियन ऑनलाइन गेम की लत में थीं। घटना गाजियाबाद के थाना टीला मोड़ क्षेत्र स्थित भारत सिटी सोसाइटी की बताई जा रही है।
सुसाइड नोट में कोरिया छोड़ने से इनकार
पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें तीनों बहनों ने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए लिखा—
“सॉरी पापा-मम्मी… हम कोरिया नहीं छोड़ सकते। कोरिया हमारी जिंदगी और जान है।”
नोट में एक रोती हुई लड़की का इमोजी भी बना हुआ है। हालांकि नोट में जिस डायरी का जिक्र किया गया है, उसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
#WATCH | गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश: दिल दहला देने वाली घटना में तीन नाबालिग सगी बहनों ने बुधवार तड़के करीब 2 बजे अपनी रिहायशी इमारत की 9वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी।
यह हादसा भारत सिटी सोसाइटी में टीला मोड़ पुलिस क्षेत्र के अंतर्गत हुआ, जहां तीनों बहनें घटनास्थल पर ही मौत के मुंह… pic.twitter.com/41paH4jEDL
— One India News (@oneindianewscom) February 4, 2026
मृतकों की पहचान और परिवार की स्थिति
मृत बहनों की पहचान निशिका (16 वर्ष), प्राची (14 वर्ष) और पाखी (12 वर्ष) के रूप में हुई है। परिवार भारत सिटी सोसाइटी के बी-1 टावर में रहता है। परिजनों के अनुसार, तीनों बच्चियां पिछले कुछ वर्षों से नियमित रूप से स्कूल नहीं जा रही थीं और अधिकतर समय मोबाइल पर बिताती थीं।
कोरोना काल में शुरू हुई गेम की लत
परिजनों और पुलिस जांच में सामने आया है कि कोरोना लॉकडाउन के दौरान तीनों बहनों ने एक टास्क-बेस्ड कोरियन ऑनलाइन गेम खेलना शुरू किया था, जिसे वे पिछले करीब 5 साल से खेल रही थीं। बताया जा रहा है कि गेम से इतनी गहरी जुड़ाव हो गई थी कि उन्होंने अपने नाम तक कोरियन रख लिए थे और रोजमर्रा के काम भी एक साथ करती थीं।
गेम के टास्क और मानसिक दबाव की जांच
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या किसी ऑनलाइन टास्क या मानसिक दबाव का इस घटना से सीधा संबंध है। बच्चियों के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट्स और गेमिंग ऐप्स की फोरेंसिक जांच की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, गेम में कई स्तरों और टास्क की बात सामने आ रही है।
पुलिस और प्रशासन अलर्ट
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। गाजियाबाद पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है—चाहे वह ऑनलाइन गेमिंग, मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक स्थिति या डिजिटल कंटेंट का प्रभाव हो।
पिता की अपील— बच्चों पर रखें नजर
आंखों में आंसू लिए पिता ने अन्य माता-पिता से अपील की है कि वे अपने बच्चों के मोबाइल उपयोग और ऑनलाइन गेम्स पर नजर रखें। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें गेम के टास्क और उसकी गंभीरता का अंदाजा होता, तो वे बच्चों को यह गेम खेलने ही नहीं देते।
बड़ा सवाल— बच्चों पर डिजिटल कंटेंट का असर
यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े करती है कि कोरोना के बाद बढ़े स्क्रीन टाइम, ऑनलाइन गेमिंग और विदेशी डिजिटल कंटेंट का बच्चों की मानसिक स्थिति पर कितना गहरा असर पड़ रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि समय रहते अभिभावकों और सिस्टम को सतर्क होने की जरूरत है।
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