मेडागास्कर में Gen-Z आंदोलन के उग्र प्रदर्शन के कारण देश में गंभीर सियासी संकट पैदा हो गया है। हालात इतने बिगड़ गए कि देश की सशस्त्र सेना ने सत्ता संभाल ली। मेडागास्कर की एक विशिष्ट सैन्य इकाई के कर्नल ने इस बात की जानकारी दी। यह घोषणा संसद द्वारा राष्ट्रपति एंड्री राजोएलिना के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर मतदान के तुरंत बाद की गई।
जनरेशन Z ने एक और सरकार को उखाड़ फेंका
मेडागास्कर में पानी और बिजली की कमी को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों ने राष्ट्रपति को इस्तीफा देने के लिए मजबूर कर दिया। सेना ने नियंत्रण संभाल लिया।
काठमांडू से ढाका तक अंटानानारिवो तक नई पीढ़ी जवाबदेही की मांग कर रही है।… pic.twitter.com/65QetEWfZX
— One India News (@oneindianewscom) October 15, 2025
राष्ट्रपति देश छोड़ चुके हैं
कर्नल माइकल रैंड्रियनिरिना ने पत्रकारों को बताया कि सेना एक परिषद बनाएगी, जिसमें सेना और अर्द्धसैनिक बल के अधिकारी शामिल होंगे। परिषद जल्द ही नए प्रधानमंत्री की नियुक्ति करके एक नागरिक सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि Gen-Z आंदोलन और सैनिक विद्रोह के कारण राष्ट्रपति राजोएलिना पहले ही देश छोड़कर चले गए हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि राजोएलिना के सात वर्षों के कार्यकाल का अंत हो गया है।
दुनिया में एक और देश में Gen Z युवाओं के प्रोटेस्ट ने सत्ता को उखाड़ फेंका और राष्ट्रपति को देश छोड़ने पर मजबूर कर दिया।
हिंद महासागर के छोटे से द्वीपीय देश मेडागास्कर में Gen Z युवाओं के नेतृत्व में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शन के बाद वहां भी सत्ता परिवर्तन हो चुका है। pic.twitter.com/Z4HCYGVGPX
— Ankit Kumar Avasthi (@kaankit) October 14, 2025
Gen-Z प्रदर्शन में सेना की भागीदारी
मेडागास्कर में Gen-Z आंदोलन के दौरान हालात तब और गंभीर हो गए जब शनिवार को सेना का एक दल भी प्रदर्शन में शामिल हो गया। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति और मंत्रियों से पद छोड़ने की मांग की। हालांकि राष्ट्रपति राजोएलिना ने देश छोड़ दिया, लेकिन उन्होंने राष्ट्रपति पद से इस्तीफा नहीं दिया है।
प्रदर्शन की वजह
सरकार विरोधी प्रदर्शन 25 सितंबर को शुरू हुए थे। इसका मुख्य कारण पानी और बिजली की लगातार कटौती थी। इसके अलावा, राजोएलिना के फ्रांसीसी नागरिक होने और मेडागास्कर के पूर्व उपनिवेश होने को लेकर भी जनता में नाराजगी देखी गई। रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति को फ्रांस के सैन्य विमान से देश से बाहर निकाला गया, हालांकि फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने इस पर कोई बयान नहीं दिया।