केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादी संगठनों के ठिकानों, प्रशिक्षण केंद्रों और लॉन्च पैड्स को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब आतंकवादियों के लिए कहीं भी कोई जगह सुरक्षित नहीं बची है। शाह ने कहा, “वे चाहे जहाँ भी छिपे हों, भारतीय सुरक्षा बल उन्हें ढूँढकर सजा देंगे।”
अमित शाह राष्ट्रीय सुरक्षा गारद (NSG) के 41वें स्थापना दिवस के मौके पर मानेसर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। ‘ब्लैक कैट’ के नाम से प्रसिद्ध NSG के मुख्यालय में बोलते हुए उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों और लॉन्च पैड्स को तबाह कर दिया, जबकि ऑपरेशन महादेव के तहत पहलगाम हमले में शामिल आतंकवादियों का सटीक सफाया किया गया। शाह ने कहा, “इससे नागरिकों का सुरक्षा बलों पर विश्वास और भी मजबूत हुआ है।”
गौरतलब है कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। इसके जवाब में भारत ने मई में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू करते हुए पाकिस्तान और पीओके (PoK) में आतंकवादी ढाँचों को निशाना बनाया था।
आज मानेसर स्थित ‘राष्ट्रीय सुरक्षा गारद’ परिसर में NSG के शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। साथ ही, ‘स्पेशल ऑपरेशंस ट्रेनिंग सेंटर’ (SOTC) का भूमिपूजन किया। देश-दुनिया के एंटी टेरर यूनिट्स को प्रशिक्षण देने वाला यह केंद्र ‘ग्लोबल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में कार्य करेगा। pic.twitter.com/8eGMVDJORK
— Amit Shah (@AmitShah) October 14, 2025
आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। उन्होंने कहा, “अगर कोई अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को खत्म करने से लेकर सर्जिकल स्ट्राइक, हवाई हमले और अब ऑपरेशन सिंदूर तक सरकार के कदमों का विश्लेषण करे, तो साफ दिखता है कि हमारे सुरक्षा बलों ने आतंकवाद की जड़ों पर प्रहार किया है।”
आतंकवादी चाहे कहीं भी छिप जाएँ, हमारे सुरक्षा बल उन्हें पाताल से भी निकाल कर दंड देंगे। pic.twitter.com/WbVqMXlEy3
— Amit Shah (@AmitShah) October 14, 2025
गृह मंत्री ने कहा कि आतंकवादी अब भारत में कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं, और हमारे सैनिक “धरती की गहराइयों में जाकर” हर आतंकी कृत्य का दंड देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
आतंकवाद के खिलाफ ठोस कदम
शाह ने बताया कि 2019 से केंद्र सरकार ने आतंकवाद से निपटने के लिए कई बड़े सुधारात्मक कदम उठाए हैं। इनमें UAPA और NIA एक्ट में संशोधन, ED द्वारा PMLA के तहत आतंकवादी फंडिंग की जांच, और आतंकवाद के वित्तीय नेटवर्क की निगरानी के लिए वैज्ञानिक सिस्टम की स्थापना शामिल है।
उन्होंने बताया कि ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (PFI) जैसे संगठनों पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके साथ ही बहु-एजेंसी केंद्र को मजबूत किया गया है ताकि खुफिया जानकारी का प्रभावी आदान-प्रदान हो सके। शाह ने कहा, “पहली बार हमने नए आपराधिक कानूनों में आतंकवाद को परिभाषित किया है। अब तक 57 से ज्यादा व्यक्तियों और कई संगठनों को गैरकानूनी घोषित किया गया है।”
The martial prowess of the 'National Security Guard' demonstrated at its foundation day ceremony today swells the heart of a patriot. Whether it's executing rescue missions, or achieving the highest precision in security, the very presence of the NSG ensures the end of a crisis. pic.twitter.com/soYKFbBlAn
— Amit Shah (@AmitShah) October 14, 2025
NSG की सराहना और विस्तार की घोषणा
अमित शाह ने NSG के ‘ब्लैक कैट’ कमांडो की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी वीरता देखकर देश का हर नागरिक गर्व महसूस करता है। उन्होंने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश के अयोध्या में NSG का छठा केंद्र स्थापित किया जाएगा। वर्तमान में NSG के पाँच केंद्र मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद और गांधीनगर में हैं।
शाह ने मानेसर में NSG के विशेष अभियान प्रशिक्षण केंद्र की आधारशिला भी रखी। यह केंद्र 141 करोड़ रुपये की लागत से 8 एकड़ में बनेगा, जहाँ न केवल NSG बल्कि देशभर की आतंकवाद-रोधी इकाइयों को उन्नत प्रशिक्षण दिया जाएगा।
गौरवशाली है NSG का इतिहास
गृह मंत्रालय के अधीन काम करने वाली राष्ट्रीय सुरक्षा गारद (NSG) की स्थापना 1984 में हुई थी। यह एक विशेष बल है, जो आतंकवाद-रोधी, अपहरण-रोधी अभियानों और अतिविशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा में विशेषज्ञता रखता है। अमित शाह ने NSG के जवानों को उनकी बहादुरी, समर्पण और अनुशासन के लिए बधाई दी और कहा कि देश हमेशा उनके योगदान को सम्मानपूर्वक याद रखेगा।