प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में कई ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें कोलकाता के पूर्व DCP शांतनु सिन्हा बिस्वास का घर भी शामिल है। यह कार्रवाई कथित वसूली रैकेट मामले की जांच के तहत की गई है, जिसमें सोना पप्पू उर्फ पॉडर और शांतनु सिन्हा बिस्वास के कनेक्शन की जांच हो रही है।
पुश्तैनी घर पर छापा
ED की टीम मुर्शिदाबाद जिले के कांडी स्थित शांतनु सिन्हा बिस्वास के पुश्तैनी घर पहुंची, जो कई दिनों से बंद था। अधिकारियों ने ताला तोड़कर घर के अंदर प्रवेश किया और तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान केंद्रीय बल के जवानों ने पूरे इलाके को घेर लिया।
बताया जा रहा है कि 8 से 10 अधिकारियों की टीम ने घर के भीतर जांच-पड़ताल की। इस कार्रवाई से इलाके में हलचल बढ़ गई और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई।
हिरासत में हैं शांतनु सिन्हा
अधिकारियों के अनुसार, शांतनु सिन्हा बिस्वास को 14 मई को ED ने हिरासत में लिया था। उन पर पूछताछ के दौरान सहयोग न करने और जानकारी छिपाने के आरोप हैं। कई बार समन जारी होने के बाद वह एजेंसी के सामने पेश हुए थे।
सोना पप्पू कनेक्शन
ED के मुताबिक, सोना पप्पू उर्फ पॉडर को 18 मई को लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया था। वह दक्षिण कोलकाता में हुई एक हिंसक घटना के मामले में भी वांछित था और करीब तीन महीनों से फरार चल रहा था।
उसके खिलाफ कोलकाता पुलिस ने रंगदारी, दंगा भड़काने, हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश और आर्म्स एक्ट के उल्लंघन जैसे गंभीर आरोपों में FIR दर्ज की है।
परिवार और स्थानीय कनेक्शन
जानकारी के मुताबिक, शांतनु सिन्हा बिस्वास की बहन गौरी सिन्हा बिस्वास कांडी म्युनिसिपैलिटी की वाइस चेयरमैन हैं। हालांकि, छापेमारी के दौरान वह घर पर मौजूद नहीं थीं।
ED अब इस पूरे नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन की गहराई से जांच कर रही है।
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