सोमालिया के समुद्री क्षेत्र में एक बार फिर समुद्री लुटेरों की सक्रियता ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सोमालिया के पुंटलैंड तट के पास समुद्री लुटेरों ने कैमरून के झंडे वाले कार्गो जहाज M/V LUTUF को अपने कब्जे में ले लिया। जहाज पर तुर्की से भेजे गए हथियारों के साथ कम्युनिकेशन और सैटेलाइट उपकरण होने की जानकारी सामने आई है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जहाज के 10 सदस्यीय क्रू में छह भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।
एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट में एक सोमाली अधिकारी के हवाले से बताया गया कि जहाज को सोमवार, 17 अगस्त 2026 को पुंटलैंड के इयल जिले में मर्राया के तट से लगभग साढ़े तीन नॉटिकल मील दूर कब्जे में लिया गया था। इसके बाद समुद्री लुटेरे जहाज को पुंटलैंड के नुगाल तट की ओर ले गए। संवेदनशील मामला होने के कारण जानकारी देने वाले अधिकारी की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई।
M/V LUTUF पर सवार हैं 6 भारतीय
रिपोर्ट के मुताबिक M/V LUTUF पर कुल 10 लोगों का क्रू मौजूद था। इनमें छह भारतीय नागरिक, एक तुर्की नागरिक, एक जॉर्जियाई नागरिक और दो सर्बियाई सिक्योरिटी गार्ड शामिल बताए गए हैं। ताजा उपलब्ध जानकारी के अनुसार जहाज और उस पर सवार लोगों की मौजूदा स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
घटना ने भारत के लिए भी चिंता बढ़ा दी है क्योंकि क्रू में भारतीय नागरिक शामिल हैं। प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार घटना सामने आने के शुरुआती चरण में भारतीय और तुर्की अधिकारियों की ओर से कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान उपलब्ध नहीं था।
मोगादिशू के तुर्की मिलिट्री ट्रेनिंग सेंटर के लिए थे हथियार
सोमाली अधिकारी के अनुसार जहाज का संचालन या स्वामित्व Polar Movement Shipping से जुड़ा बताया गया है। इसमें मौजूद हथियार मोगादिशू स्थित एक तुर्की सैन्य प्रशिक्षण केंद्र के लिए ले जाए जा रहे थे। हथियारों के अलावा जहाज पर कम्युनिकेशन और सैटेलाइट उपकरण भी मौजूद होने का दावा किया गया है।
इसी कारण इस हाईजैकिंग को केवल सामान्य समुद्री डकैती की घटना के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। हथियार और संवेदनशील संचार उपकरण समुद्री लुटेरों के कब्जे में होने की आशंका क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
आठ समुद्री लुटेरों पर शक
अधिकारी के मुताबिक जहाज पर कब्जा करने वाले लुटेरों की संख्या करीब आठ थी। संदेह है कि ये समुद्री लुटेरे उसी समूह से जुड़े हो सकते हैं जो 26 अप्रैल को M/V Sward नाम के एक अन्य मर्चेंट जहाज को हाईजैक करने की घटना में शामिल रहा था। रिपोर्ट के अनुसार LUTUF को बाद में पुंटलैंड के डंगोरोयो जिले में गरमाल के पास तट की दिशा में ले जाया गया।
तुर्की के हेलिकॉप्टर और ड्रोन ने रखी नजर
सोमाली अधिकारी के हवाले से बताया गया कि हाईजैक किए गए M/V LUTUF के पास बाद में तुर्की के स्वामित्व वाले दो जहाज पहुंचे। इसी दौरान तुर्की के हेलिकॉप्टर और ड्रोन भी इलाके की निगरानी कर रहे थे। हालांकि तुर्की की ओर से घटना के सभी पहलुओं की आधिकारिक पुष्टि तत्काल उपलब्ध नहीं थी।
‘खत’ पहुंचाने आई नाव, फिर हुआ हवाई हमला
घटना में एक और रहस्यमय मोड़ मंगलवार को आया। रिपोर्ट के मुताबिक दो लोगों को लेकर एक छोटी नाव हाईजैक किए गए जहाज के पास पहुंची और वहां खत (Khat) पहुंचाया। खत एक उत्तेजक पदार्थ है जिसे सोमालिया और आसपास के कुछ इलाकों में चबाया जाता है।
अधिकारी के अनुसार नाव के वापस किनारे की ओर लौटने के बाद एक हवाई हमला हुआ, जिसमें चार लोगों की मौत और दो लोगों के घायल होने की सूचना दी गई। हालांकि एसोसिएटेड प्रेस ने स्पष्ट किया कि वह स्वतंत्र रूप से यह पुष्टि नहीं कर सका कि हमला किसने किया था या मारे गए लोग जहाज को हाईजैक करने वाले समुद्री लुटेरों में शामिल थे या नहीं।
कुछ तुर्की मीडिया रिपोर्टों ने हमले को तुर्की ड्रोन कार्रवाई से जोड़ा है, लेकिन AP की रिपोर्ट में हमले की जिम्मेदारी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए इसे फिलहाल पुष्ट तथ्य की बजाय दावा मानना अधिक उचित है।
जहाज और भारतीय क्रू की स्थिति पर सस्पेंस
सबसे बड़ा सवाल फिलहाल जहाज पर मौजूद छह भारतीयों और बाकी क्रू सदस्यों की सुरक्षा को लेकर है। ताजा रिपोर्टों में M/V LUTUF, उसके चालक दल और जहाज पर लदे कार्गो की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं बताई गई है। घटनाक्रम पर क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर रखी जा रही है।
सोमालिया का समुद्री क्षेत्र लंबे समय से समुद्री डकैती की घटनाओं के लिए संवेदनशील रहा है। इस बार जहाज पर हथियारों और सैन्य उपयोग से जुड़े उपकरण होने के कारण मामला और भी गंभीर हो गया है।
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