रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि आज के दौर में युद्ध पारंपरिक सीमाओं से आगे बढ़ चुका है और अब देश की सुरक्षा केवल सैन्य ताकत तक सीमित नहीं रही। इसमें आर्थिक, डिजिटल, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण पहलू शामिल हो गए हैं।
उन्होंने यह बातें सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के स्थापना दिवस और हीरक जयंती समारोह के अवसर पर वर्चुअल संबोधन में कहीं।
बदलता युद्ध का स्वरूप
रक्षा मंत्री ने कहा कि आधुनिक समय में संघर्ष का तरीका पूरी तरह बदल गया है। अब किसी भी देश को साइबर, अंतरिक्ष, सूचना और आर्थिक माध्यमों से कमजोर किया जा सकता है। ऐसे में हर नागरिक को सतर्क और तैयार रहने की आवश्यकता है।
Speaking at the Diamond Jubilee celebrations of Sainik School Ghodakhal (Uttarakhand). https://t.co/4NU3AuQnKh
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) March 21, 2026
मानसिक और बौद्धिक तैयारी पर जोर
राजनाथ सिंह ने कहा, “तैयार रहने का मतलब केवल युद्ध के लिए तैयार रहना नहीं है, बल्कि हर परिस्थिति का सामना करने के लिए मानसिक दृढ़ता और बौद्धिक स्पष्टता विकसित करना है।”
उन्होंने युवाओं से अनुशासन, संकल्प और सही-गलत में अंतर करने की क्षमता विकसित करने का आह्वान किया।
सरकार की पहल
उन्होंने बताया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार रक्षा बलों को आधुनिक हथियारों और तकनीकों से लैस कर रही है।
इसके अलावा:
- देशभर में PPP मॉडल के तहत 100 नए सैनिक स्कूल खोले जाएंगे
- नेशनल कैडेट कोर (NCC) में कैडेट्स की संख्या 17 लाख से बढ़ाकर 20 लाख की गई
- सैनिक स्कूलों में लड़कियों के प्रवेश को ऐतिहासिक कदम बताया गया
VUCA कॉन्सेप्ट का जिक्र
रक्षा मंत्री ने छात्रों को VUCA (Volatility, Uncertainty, Complexity, Ambiguity) के दौर के लिए तैयार रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि युवाओं को दूरदर्शिता, समझ, साहस और अनुकूलन क्षमता विकसित करनी चाहिए।
60 साल का गौरव
घोड़ाखाल सैनिक स्कूल के 60 वर्ष पूरे होने पर उन्होंने छात्रों, शिक्षकों और पूर्व छात्रों को बधाई दी और विश्वास जताया कि वे देश के लिए समर्पण और अनुशासन की मिसाल बने रहेंगे।
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