पूर्वी कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) के रुबाया इलाके में स्थित एक कोल्टन खदान में हुए भीषण भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी। खदान के भीतर सैकड़ों मजदूरों के काम करने के दौरान अचानक जमीन धंस गई, जिससे 200 से अधिक लोगों की मौत हो गई। लगातार बारिश के कारण मिट्टी कमजोर हो चुकी थी, जिसे इस हादसे का प्रमुख कारण बताया जा रहा है।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, दुर्घटना के समय खदान में केवल मजदूर ही नहीं, बल्कि बच्चे और पास के बाजार में काम करने वाली महिलाएँ भी मौजूद थीं। कई लोगों को गंभीर हालत में मलबे से बाहर निकाला गया है। करीब 20 घायलों का इलाज स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में जारी है, जबकि मृतकों की संख्या 227 तक पहुँच चुकी है और इसके और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है, लेकिन बारिश और अस्थिर जमीन के चलते अभियान में भारी दिक्कतें आ रही हैं। अधिकारी मानते हैं कि वास्तविक हताहतों की संख्या सामने आए आँकड़ों से अधिक हो सकती है। स्थानीय लोग वर्षों से बेहद खतरनाक परिस्थितियों में हाथों से खुदाई कर, रोज़ाना कुछ डॉलर कमाने के लिए खदानों में उतरते रहे हैं।
इस क्षेत्र में सुरक्षा मानकों की भारी कमी और अवैध खनन लंबे समय से एक गंभीर समस्या रही है। ऐसे हादसे बार-बार यह उजागर करते हैं कि खनन गतिविधियों में मजदूरों की सुरक्षा को लेकर घोर लापरवाही बरती जा रही है। रुबाया की यह खदान वैश्विक स्तर पर बेहद अहम मानी जाती है, क्योंकि यहाँ से दुनिया के करीब 15 प्रतिशत कोल्टन का उत्पादन होता है।
कोल्टन से टैंटलम धातु निकाली जाती है, जिसका उपयोग मोबाइल फोन, कंप्यूटर, एयरोस्पेस उपकरण और गैस टर्बाइन जैसी आधुनिक तकनीकों में होता है। इसी रणनीतिक महत्व के कारण यह इलाका लंबे समय से विवादों में रहा है।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, वर्ष 2024 से यह खदान AFC/M23 विद्रोही समूह के नियंत्रण में है। यूएन का आरोप है कि विद्रोही इस खदान से होने वाली कमाई का इस्तेमाल अपने सशस्त्र अभियानों को वित्तपोषित करने में कर रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि पड़ोसी देश रवांडा इस गतिविधि का समर्थन करता है, हालांकि रवांडा सरकार ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया है।
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