नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राज्यसभा में वरिष्ठ सांसदों के लिए दिए गए विदाई भाषण में लोकतंत्र में अनुभव की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राजनीति एक ऐसा क्षेत्र है जहां कभी फुल स्टॉप नहीं होता और सार्वजनिक जीवन में सीखने की प्रक्रिया लगातार जारी रहती है।
अनुभव है लोकतंत्र की पूंजी
प्रधानमंत्री ने कहा कि पुरानी पीढ़ी के नेताओं का अनुभव लोकतांत्रिक व्यवस्था की अमूल्य पूंजी है। उन्होंने नए सांसदों से अपील की कि वे वरिष्ठ नेताओं से सीखने का हर अवसर लें और अपने कर्तव्यों को पूरी जिम्मेदारी से निभाएं।
#WATCH | Delhi | Speaking in Rajya Sabha, Prime Minister Narendra Modi says, "…Discussions take place on various issues in the House, and every member plays a unique role in them. In moments like these, a common sense of respect is generated, rising above party lines. To the… pic.twitter.com/V94pPAiC9M
— ANI (@ANI) March 18, 2026
वरिष्ठ नेताओं का किया उल्लेख
इस दौरान पीएम मोदी ने एच.डी. देवगौड़ा, मल्लिकार्जुन खड़गे और शरद पवार जैसे अनुभवी नेताओं का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा संसद को समर्पित किया है।
#WATCH | Delhi | Speaking in Rajya Sabha, Prime Minister Narendra Modi says, "…H. D. Deve Gowda ji, Mallikarjun Kharge ji, Sharad Pawar ji are senior leaders who have spent more than half of their life in parliamentary work. Newly elected MPs should learn from them…"… pic.twitter.com/zsT7zunPgJ
— ANI (@ANI) March 18, 2026
उन्होंने कहा कि इतने लंबे अनुभव के बावजूद भी नए सांसदों के लिए उनसे सीखने के कई अवसर हैं—चाहे वह सदन में अनुशासन हो या समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का भाव।
हरिवंश नारायण सिंह की सराहना
प्रधानमंत्री ने हरिवंश नारायण सिंह के कार्यकाल की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि हरिवंश जी ने शांत, विनम्र और संयमित तरीके से सदन का संचालन किया और अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया।
रामदास आठवले पर हल्का-फुल्का अंदाज़
#WATCH | Delhi | Speaking in Rajya Sabha, Prime Minister Narendra Modi says, "Sometimes we used to hear that there is a lot of opportunity for humour and satire in the House. These days, perhaps it is gradually decreasing…But our Athawale ji is evergreen. Athawale ji is leaving… pic.twitter.com/8vnEXauhoP
— ANI (@ANI) March 18, 2026
अपने भाषण में पीएम मोदी ने रामदास आठवले पर हल्के-फुल्के अंदाज़ में टिप्पणी करते हुए कहा कि उनकी कमी सदन को महसूस नहीं होगी, क्योंकि वे अपने खास अंदाज़ में हमेशा जुड़े रहेंगे। इस पर सदन में हल्की मुस्कान भी देखने को मिली।
नए सांसदों के लिए संदेश
प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि वरिष्ठ सदस्य नए सांसदों को मार्गदर्शन देते रहेंगे और अनुभव का यह आदान-प्रदान लोकतंत्र को और मजबूत करेगा।
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