भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दो दिनों की यात्रा पर मोरक्को पहुंचे हैं। यह किसी भी भारतीय रक्षा मंत्री की पहली मोरक्को यात्रा है। इस दौरान उन्होंने टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स की विनिर्माण इकाई का उद्घाटन किया, जो अफ्रीका में स्थापित पहला भारतीय रक्षा विनिर्माण संयंत्र है। इसके अलावा, वे मोरक्को के अपने समकक्ष अब्देलतीफ लौदियी के साथ द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे। रबात में उन्होंने भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए भारत की संस्कृति और मूल्यों पर जोर दिया।
भारतीय समुदाय के साथ बातचीत में राजनाथ सिंह ने कहा कि हम कहीं भी रहें, हमें यह याद रखना चाहिए कि हम भारतीय हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय होने के नाते हमारी जिम्मेदारियाँ अलग हैं और हमें अपने कर्मों से भारत की प्रतिष्ठा को बनाए रखना चाहिए।
पीओके (पाक अधिकृत कश्मीर) पर बोलते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि “पीओके अपने आप भारत का होगा।” उन्होंने दावा किया कि वहां लोगों की आवाज़ उठनी शुरू हो चुकी है। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत को पीओके पर कब्जा करने के लिए हमला करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि वहां के लोग स्वयं कहेंगे—“मैं भी भारत हूं।”
#WATCH | Rabat, Morocco: At the interaction with the Indian community in Morocco, Defence Minister Rajnath Singh says, "PoK will be ours on its own. Demands have started being made in PoK, you must have heard sloganeering. I was addressing the Indian Army at a program in Kashmir… pic.twitter.com/IYtk4pSn50
— ANI (@ANI) September 22, 2025
आतंकवाद के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ने हमेशा अपने चरित्र और मूल्यों के अनुरूप कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने केवल उन लोगों को निशाना बनाया जिन्होंने हमारे नागरिकों पर हमला किया। न तो किसी नागरिक प्रतिष्ठान और न ही किसी धार्मिक स्थल को निशाना बनाया गया। राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवादियों ने धर्म पूछकर भारतीय नागरिकों की हत्या की, लेकिन भारत ने कर्म देखकर जवाब दिया।
उन्होंने बताया कि पहलगाम में नागरिकों की हत्या के बाद सुरक्षा बलों से पूछा गया कि क्या वे ऑपरेशन के लिए तैयार हैं, और उन्होंने तुरंत सहमति दी। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी से मंजूरी मिली और भारतीय सेना ने पाकिस्तान की सीमा से 100 किलोमीटर अंदर जाकर आतंकी ठिकानों को तबाह किया। इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने युद्धविराम की मांग की।
राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि भारत की अंतर्राष्ट्रीय स्थिति पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है। आज जब भारत किसी वैश्विक मंच पर बोलता है, तो पूरी दुनिया उसे गंभीरता से सुनती है। उन्होंने कहा कि तमाम चुनौतियों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है।
भारत की उपलब्धियों का ज़िक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत अब स्टार्टअप और नवाचार का वैश्विक केंद्र बन चुका है। 2014 में जहाँ केवल 500 स्टार्टअप थे, वहीं आज उनकी संख्या 1.60 लाख तक पहुँच गई है। इसी तरह 2014 में 18 यूनिकॉर्न थे, जो अब बढ़कर 118 हो गए हैं। साथ ही उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम की चर्चा की और कहा कि अब संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण मिलेगा।