भारत सरकार 21 जून 2025 को मनाए जाने वाले 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को ऐतिहासिक और भव्य बनाने की पूरी तैयारी कर रही है। इस वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में मुख्य योग कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे, जहाँ वे 45 मिनट तक 19 योग आसनों का अभ्यास करेंगे। उनके साथ आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू भी इस कार्यक्रम में योग करेंगे। यह आयोजन केवल भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी ऐतिहासिक बनने जा रहा है, क्योंकि इसमें 40 देशों के प्रतिभागियों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। इनमें से 20 देशों से योगाचार्य और प्रशिक्षक विशाखापत्तनम पहुंचेंगे, जबकि शेष 20 देशों के भारत में रहने वाले छात्र-छात्राएं कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। अनुमान है कि इस आयोजन में एक साथ करीब 5 लाख लोग योग करेंगे, जो किसी एक स्थान पर आयोजित अब तक के सबसे बड़े योग सत्रों में से एक होगा। यह कार्यक्रम सुबह 6:30 बजे से 7:30 बजे तक चलेगा।
प्रधानमंत्री की उपस्थिति और विशाल जनभागीदारी को देखते हुए विशाखापत्तनम में युद्धस्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। मुख्यमंत्री नायडू इस अवसर को राज्य में एक जन-आंदोलन का रूप देना चाहते हैं। इसी दृष्टिकोण से आंध्र प्रदेश सरकार ने राज्यभर में एक हजार योग पार्कों की शुरुआत करने का निर्णय लिया है, ताकि योग लोगों की दिनचर्या का स्थायी हिस्सा बन सके।
वहीं राजधानी दिल्ली में भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को बड़े स्तर पर मनाने की योजनाएं बनाई गई हैं। मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के नेतृत्व में दिल्ली के 111 प्रतिष्ठित स्थानों पर सामूहिक योग सत्र आयोजित होंगे, जिनमें लाल किला, कर्तव्य पथ और लोधी गार्डन जैसे ऐतिहासिक और प्रतीकात्मक स्थल प्रमुख हैं। इन स्थानों पर 1 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी की संभावना है। इस आयोजन को सफल बनाने में कई संस्थाएं समन्वय से कार्य कर रही हैं, जिनमें NDMC, DDA, ASI और MCD शामिल हैं।
दिल्ली सरकार ने भी योग दिवस पर 10 बड़े कार्यक्रमों का आयोजन करने का ऐलान किया है, जो शहर के विभिन्न इलाकों में होंगे। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में मंत्रालयों, सरकारी विभागों, और अन्य संगठनों की ओर से सैकड़ों छोटे-बड़े कार्यक्रमों की भी तैयारियाँ चल रही हैं। अब तक दिल्ली में 1,300 से अधिक योग संगम रजिस्टर्ड हो चुके हैं, जो इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि योग दिवस को लेकर नागरिकों में जबरदस्त उत्साह है।
केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने बताया कि इस बार का योग दिवस आयोजन कई मायनों में विशेष होगा। सरकार की यह विशेष पहल है कि योग को केवल एक आयोजन तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उसे हर व्यक्ति की जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाया जाए। सरकार का उद्देश्य है कि योग के लाभ हर वर्ग, हर क्षेत्र और हर उम्र के व्यक्ति तक पहुँचें और यह भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर स्थापित करे।
इस वर्ष का आयोजन इस बात का प्रतीक है कि योग अब केवल एक स्वास्थ्य अभ्यास नहीं, बल्कि एक वैश्विक सांस्कृतिक आंदोलन बन चुका है, जो भारत के नेतृत्व में पूरी दुनिया को ‘स्वास्थ्य, समरसता और संतुलन’ की ओर प्रेरित कर रहा है।