लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi एक बार फिर विदेश यात्रा पर निकल गए हैं, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उन पर तीखा हमला बोला है। BJP नेताओं ने उनकी विदेश यात्राओं की संख्या और उनकी फंडिंग को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं, जिससे राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है।
BJP का आरोप: 22 साल में 54 विदेश यात्राएं
BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता Sambit Patra ने दावा किया कि राहुल गांधी ने पिछले 22 वर्षों में 54 बार निजी विदेश यात्राएं की हैं।
उन्होंने कहा कि—
- ये यात्राएं सार्वजनिक रूप से दर्ज हैं
- लेकिन इनकी फंडिंग का स्रोत सार्वजनिक नहीं है
- हर यात्रा में उनके साथ 3-4 लोग भी जाते हैं
पात्रा के मुताबिक, इन यात्राओं पर कुल खर्च लगभग ₹60 करोड़ तक पहुंचता है।
आय बनाम खर्च पर उठे सवाल
BJP ने राहुल गांधी की आय और खर्च के बीच अंतर को भी मुद्दा बनाया है।
- 2013-14 से 2022-23 तक कुल आय: लगभग ₹11 करोड़
- विदेश यात्राओं पर कथित खर्च: ₹60 करोड़
इस आधार पर BJP ने सवाल उठाया कि आखिर इतनी बड़ी राशि की फंडिंग कहां से हुई।
किन-किन देशों का किया दौरा?
BJP के अनुसार, राहुल गांधी ने इटली, इंग्लैंड, अमेरिका, जर्मनी, वियतनाम, सिंगापुर, बहरीन, मालदीव, कतर और UAE समेत कई देशों की यात्रा की है।
इनमें से अधिकांश यात्राओं का रिकॉर्ड सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है, लेकिन फंडिंग को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
फंडिंग को लेकर कानूनी सवाल
संबित पात्रा ने कहा कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि—
- क्या ये यात्राएं निजी फंडिंग से हुईं?
- क्या इसमें सरकारी खर्च शामिल था?
- या किसी विदेशी संस्था ने फंडिंग की?
उन्होंने यह भी कहा कि यदि विदेशी फंडिंग हुई है, तो FCRA कानून लागू हो सकता है, जबकि निजी खर्च की स्थिति में आयकर नियमों के तहत इसका खुलासा जरूरी है।
PM मोदी की अपील पर राहुल का हमला
यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब राहुल गांधी ने Narendra Modi की हालिया अपीलों की आलोचना की।
प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से अपील की थी कि—
- ईंधन की खपत कम करें
- विदेश यात्रा से बचें
- स्वदेशी उत्पाद अपनाएं
- अनावश्यक खर्च कम करें
राहुल गांधी ने इन अपीलों को सरकार की “नाकामी” करार देते हुए कहा कि यह जनता को नियंत्रित करने का प्रयास है।
सियासी घमासान तेज
राहुल गांधी की विदेश यात्रा और BJP के आरोपों के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है, खासकर जब दोनों पक्ष एक-दूसरे पर लगातार आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।
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