दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास सोमवार (10 नवंबर 2025) की शाम हुए भीषण कार धमाके ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। जांच में सामने आया है कि धमाका 5 से 10 किलो उच्च क्षमता वाले विस्फोटक से हुआ, जिसकी तीव्रता इतनी अधिक थी कि 50 मीटर के दायरे में कंक्रीट तक फट गया, आसपास की दीवारें हिल गईं और धातु के टुकड़े हवा में दूर तक जा गिरे। धमाके के बाद कुछ ही सेकंड में कार पूरी तरह आग के गोले में तब्दील हो गई और पास खड़ी गाड़ियों में भी आग लग गई। नजदीकी दुकानों, मेट्रो स्टेशन और मंदिरों के शीशे टूटकर बिखर गए, जिससे चारों ओर अफरातफरी मच गई।
इस विस्फोट में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 21 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों का इलाज एलएनजेपी और आरएमएल अस्पतालों में चल रहा है। धमाके की भीषणता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक व्यक्ति का शव विस्फोट की ताकत से उछलकर पास के पेड़ पर लटक गया था। पुलिस ने बताया कि जब दूसरे दिन घटनास्थल की तलाशी ली गई तो पेड़ की ऊँचाई पर एक जली हुई लाश फँसी मिली, जिससे मृतकों की संख्या 8 से बढ़कर 13 हो गई।
धमाके के प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुछ ही सेकंड में तेज़ चमकदार रोशनी के साथ जबरदस्त आवाज़ हुई और पूरा इलाका भूकंप जैसी कंपन से हिल गया। कई लोगों ने बताया कि धमाके के बाद मलबा और जलते हुए टुकड़े चारों ओर बिखर गए थे। घटनास्थल पर मिले शरीर के अंग और जले हुए अवशेषों की पहचान करना बेहद कठिन हो गया है।
#WATCH | Delhi | CCTV footage shows explosion from car blast near the Red Fort yesterday. Eight people lost their lives in the incident.
(Video source: President of Chandni Chowk Vyapar Mandal) pic.twitter.com/aVLqQM0BgH
— ANI (@ANI) November 11, 2025
इस बीच, घटना का एक CCTV वीडियो भी सामने आया है, जिसमें नेताजी सुभाष मार्ग पर चलते हुए अचानक कार में तेज़ पीली-नारंगी लौ उठती दिख रही है। जांच में पता चला है कि यह सफेद ह्युंडई i20 कार धमाके से लगभग दो घंटे पहले लाल किला पार्किंग क्षेत्र में खड़ी थी और कुछ मिनट पहले ही वहाँ से निकली थी।
फोरेंसिक जांच में कार से अमोनियम नाइट्रेट और फ्यूल ऑयल (ANFO) के अंश मिले हैं, जिससे यह साफ हो गया है कि यह एक योजनाबद्ध IED ब्लास्ट था। दिल्ली पुलिस और एनआईए ने इसे आतंकी साजिश मानते हुए जांच अपने हाथ में ले ली है। गृह मंत्रालय (MHA) ने एनआईए, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम गठित की है जो इस हमले के हर एंगल की पड़ताल कर रही है।
प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि इस धमाके का सीधा संबंध फरीदाबाद और जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी मॉड्यूल से हो सकता है। हाल ही में फरीदाबाद से 3000 किलो से ज्यादा विस्फोटक बरामद किया गया था और 8 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इन्हीं गिरफ्तारियों से घबराकर आतंकियों ने इस आत्मघाती हमले को अंजाम दिया।
फिलहाल NIA की कई टीमें घटनास्थल और आसपास के इलाकों से सबूत जुटा रही हैं। पुलिस ने 100 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले हैं, और संदिग्धों की पहचान के लिए चेहरे की पहचान तकनीक (Face Recognition) का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह स्पष्ट हो चुका है कि दिल्ली का यह ब्लास्ट देश की राजधानी को दहलाने की सुनियोजित आतंकी साजिश थी।
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