राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर में विश्व हिंदू परिषद के विदर्भ प्रांत कार्यालय का शिलान्यास करते हुए दुनिया की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया विनाश की ओर बढ़ रही है, जबकि भारत का उत्थान हो रहा है।
भागवत ने कहा कि युद्ध और अस्थिरता के लिए दुनिया में स्वार्थ और वर्चस्व की चाह जिम्मेदार है। उन्होंने यह भी कहा कि आज कोई भी देश किसी को बिना शक्ति के नहीं मानता और वर्तमान परिस्थितियों में विश्व को जोड़ने का तत्व केवल भारत के पास है।
उन्होंने विश्व को जंगल के कानून की स्थिति में बताते हुए कहा कि भारत ही वह देश है, जिसके पास सभी को जोड़ने की ताकत और सही मार्गदर्शन है। संघ प्रमुख ने अपने संबोधन में किसी देश या नेता का नाम लिए बिना यह संदेश दिया कि वैश्विक अस्थिरता और संघर्ष को केवल भारत स्थिरता की ओर ले जा सकता है।
मोहन भागवत ने अपने संबोधन में यह भी जोर दिया कि आज के कलह, कन्वर्जन और ऊंच-नीच की घटनाओं से दुनिया विनाश की कगार पर है और भारत को अपने उत्थान और शक्ति के माध्यम से इसे रोकना होगा।
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