बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। ताज़ा मामला 28 वर्षीय हिंदू युवक समीर कुमार दास की हत्या से जुड़ा है। ऑटो रिक्शा चालक समीर को कथित तौर पर इस्लामी भीड़ ने बेरहमी से पीटा, चाकू से हमला किया और उसकी हत्या कर दी। हमलावर समीर का ऑटो रिक्शा भी अपने साथ ले गए। यह घटना इस्लामी कट्टरपंथी उस्मान हादी की मौत के बाद देशभर में भड़के हिंसक प्रदर्शनों के बीच सामने आई 12वीं हिंदू हत्या बताई जा रही है।
परिवार के अनुसार, समीर दास फेनी जिले के डागोनभुइयां इलाके में ऑटो रिक्शा चलाकर जीवनयापन करता था। रविवार (11 जनवरी 2026) की शाम वह ऑटो लेकर घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। परिजनों द्वारा तलाश शुरू करने के बाद रात करीब दो बजे जगतपुर गाँव के एक खेत में स्थानीय लोगों ने उसका खून से लथपथ शव देखा।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, समीर पर पहले इस्लामी भीड़ ने हमला किया और उसे बुरी तरह पीटकर अधमरा कर दिया। इसके बाद हमलावरों ने उस पर चाकू से कई वार किए। समीर की मौत के बाद आरोपी उसका ऑटो रिक्शा लेकर फरार हो गए। पुलिस का कहना है कि शव उपजिला अस्पताल के पास मिला था और इस वारदात में देशी कट्टे के इस्तेमाल की भी आशंका है। पुलिस इसे सुनियोजित हमला मान रही है और आरोपियों की तलाश के लिए अभियान चला रही है, हालांकि पीड़ित परिवार की कानूनी प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो पाई है।
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक की हत्या का एक और मामला
फेनी जिले के दागनभुइयां थाना क्षेत्र में रविवार रात 28 वर्षीय हिंदू युवक समीर चंद्र दास (ऑटो रिक्शा चालक) का शव खेत में मिला।
शव पर चाकू के कई घाव और पीटाई के निशान थे।
परिजनों ने बताया कि पिछले कुछ समय से उन्हें… pic.twitter.com/nYVnKaQwO0
— One India News (@oneindianewscom) January 13, 2026
गौरतलब है कि 18 दिसंबर 2025 को इस्लामी कट्टरपंथी नेता उस्मान हादी की मौत के बाद से बांग्लादेश में हिंसक प्रदर्शन जारी हैं। इन प्रदर्शनों के दौरान लगातार हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। एक महीने से भी कम समय में अब तक 12 हिंदुओं की हत्या की खबरें सामने आ चुकी हैं। इसके अलावा महिलाओं के साथ गैंगरेप, घर जलाने और संपत्तियों को नुकसान पहुँचाने की घटनाएँ भी लगातार रिपोर्ट हो रही हैं।
हिंसा की शुरुआत में फैक्ट्री में काम करने वाले हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी और उसकी लाश को पेड़ पर लटकाकर जला दिया। 24 दिसंबर 2025 को राजबाड़ी जिले में अमृत मंडल की हत्या कर दी गई। 29 दिसंबर 2025 को अर्धसैनिक बल अंसार वाहिनी के हिंदू सदस्य बजेन्द्र बिस्वास को मैनन सिंह इलाके में गोली मार दी गई।
इसके बाद 3 जनवरी 2026 को हिंदू व्यवसायी खोकन चंद्र दास पर घर लौटते समय चाकू से हमला किया गया और पेट्रोल छिड़ककर उसे जिंदा जला दिया गया। 5 जनवरी 2026 को स्थानीय अखबार के कार्यवाहक संपादक और बर्फ फैक्ट्री के मालिक राणा प्रताप बैरागी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। 6 जनवरी 2026 को शरद चक्रवर्ती की भी हत्या कर दी गई।
हाल के मामलों में 10 जनवरी 2026 को जॉय महापात्रो नामक युवक को इस्लामी कट्टरपंथियों ने बेरहमी से पीटा और अमीरुल इस्लाम नामक व्यक्ति द्वारा ज़हर दिए जाने का भी आरोप है। वहीं 5 जनवरी 2025 को झेनैदाह जिले के कालीगंज में 40 वर्षीय हिंदू विधवा महिला के साथ शाहीन और हसन द्वारा गैंगरेप किया गया, उसे पेड़ से बाँधा गया और उसके बाल काट दिए गए।
इन हत्याओं के अलावा कई इलाकों में हिंदुओं पर हमले की खबरें सामने आई हैं। केवल दिसंबर 2025 में ही ऐसी 51 घटनाएँ दर्ज की गई हैं, जो बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
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