रूस के कुर्स्क क्षेत्र से विधायक और राष्ट्रपति पुतिन की पार्टी के नेता अभय सिंह से बात करते हुए कहा कि भारत को अब उन्नत S-500 एयर-डिफेंस सिस्टम की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए। पुतिन गुरुवार (4 दिसंबर 2025) को 23वें भारत-रूस सालाना शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने दिल्ली पहुँच रहे हैं।
अभय सिंह के अनुसार भारत के पास मौजूद S-400 सिस्टम बहुत अच्छा है, लेकिन S-500 नवीनतम तकनीक है और फिलहाल रूस इसे किसी भी देश को उपलब्ध नहीं करा रहा है। यदि भारत को यह सिस्टम मिलता है, तो वह दुनिया का पहला देश होगा, यहाँ तक कि चीन के पास भी S-500 नहीं है।
दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी
अभय सिंह ने कहा कि पुतिन की चार साल बाद होने वाली यह यात्रा दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करेगी। उन्होंने बताया कि वार्ता में Su-57 लड़ाकू विमान सहयोग, अगली पीढ़ी की मिसाइल तकनीक, कृषि, टेक्नोलॉजी एक्सचेंज और भारतीयों के लिए रूस में वर्क परमिट फ्रेमवर्क जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं।
अभय सिंह ने रूस में बढ़ती स्किल्ड कामगारों कमी का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत और रूस इस क्षेत्र में म्यूचुअल बेनिफिट वाले समझौते कर सकते हैं। उनका कहना है कि जहाँ पश्चिमी देश विशेषकर अमेरिका भारतीयों के वीजा में दिक्कत पैदा कर रहे हैं, वहीं रूस भारतीयों के लिए नए अवसर खोल रहा है।
उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि वे पुतिन से प्रेरित हुए, लेकिन चुनाव जीतने के लिए भारतीय शैली की जमीनी कैंपेनिंग अपनाई। नियमित जनसंपर्क, सार्वजनिक बैठकें और स्थानीय समुदायों से सीधे संपर्क किया। अभय सिंह को उम्मीद है कि पुतिन की यात्रा रक्षा, तकनीक और लेबर मोबिलिटी के क्षेत्रों में भारत-रूस सहयोग को और मजबूत बनाएगी।
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