जम्मू–कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में वर्ष 2016 में भारतीय सुरक्षाबलों पर हमला करने वाले पाकिस्तानी आतंकी हंजाल्लाह यासीन राय उर्फ़ अबू उकासा को अदालत ने 10 साल की सजा सुनाई है। पाकिस्तान के बहावलपुर निवासी उकासा पिछले नौ वर्षों से हिरासत में है और इस अवधि को सजा में शामिल किए जाने के कारण अब उसे केवल लगभग एक वर्ष और जेल में रहना होगा।
कुपवाड़ा की जिला एवं सत्र अदालत ने सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट किया कि अभियुक्त ने हमले में शामिल होने की बात साफ तौर पर स्वीकार की थी। हालांकि, अदालत ने यह भी कहा कि हमले में किसी भी सुरक्षा कर्मी को चोट नहीं पहुँची और यह मामला हत्या के प्रयास की “अत्यंत गंभीर श्रेणी” में नहीं आता। इसी वजह से अदालत ने आजीवन कारावास जैसी कठोर सजा देने की आवश्यकता नहीं मानी और 10 वर्ष की सजा को पर्याप्त बताया।

अदालत के आदेश के अनुसार, अबू उकासा 20 जून 2016 से पुलिस हिरासत में है। इसलिए हिरासत के इन नौ वर्षों को उसकी सजा की अवधि से घटाया जाएगा। इसका अर्थ है कि उसे अब केवल लगभग एक वर्ष और जेल की सजा भुगतनी है और वर्ष 2026 में उसकी रिहाई तय है।
इसके अलावा, अदालत ने दोषी पर ₹20 हज़ार का जुर्माना भी लगाया है। आदेश में कहा गया है कि यदि उकासा यह राशि अदा नहीं करता, तो उसे एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी।
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