राजस्थान के जालोर से गिरफ्तार मौलवी ओसामा उमर के संबंध तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े पाए गए हैं। जाँच में सामने आया है कि वह भारत में स्लीपर सेल तैयार कर रहा था और कई युवाओं को जिहाद की ट्रेनिंग दे चुका था। अधिकारियों ने उसके डिलीट किए गए मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट से लगभग 3 लाख फोटो रिकवर किए हैं, जिनमें कट्टरपंथ फैलाने वाली सामग्री पाई गई है।
गिरफ्तारी से पहले ओसामा ने अपने फोन का सारा डेटा मिटा दिया था, लेकिन एफएसएल की टीम ने उसे सफलतापूर्वक पुनः प्राप्त कर लिया। FSL रिपोर्ट में यह भी पता चला कि पिछले करीब चार वर्षों से वह TTP के संपर्क में था और अपने नेटवर्क को मज़बूत कर रहा था।
आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से संपर्क व विदेशी फंडिंग के मामले में राजस्थान के बाड़मेर जिले से गिरफ्तार मौलवी को लेकर एटीएस ने बड़ा खुलासा किया है। मौलवी ओसामा उमर के फोन से 3 लाख फोटो रिकवर हुए हैं।https://t.co/DmGmngbAKY
— iMac_too (@iMac_too) November 17, 2025
जाँच में यह बात सामने आई कि ओसामा लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी सैफुल्लाह से प्रभावित था। वह न केवल सैफुल्लाह के वीडियो देखता था बल्कि उसके रिश्तेदारों के भी संपर्क में था। इन संपर्कों के माध्यम से वह युवाओं का ब्रेनवॉश कराता था और उन्हें वॉयस मेसेज के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ने की कोशिश करता था। ओसामा को 4 नवंबर को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पता चला कि वह 8 नवंबर को दुबई के रास्ते अफगानिस्तान जाने वाला था जहाँ TTP के जिहादी कैंप में उसकी ट्रेनिंग तय थी। ट्रेनिंग के बाद वह भारत लौटकर अपने स्लीपर सेल को सक्रिय करना चाहता था।
गिरफ्तारी के दौरान ओसामा के पास से अफगानिस्तान की एक सिम भी बरामद हुई, जिसकी पहुँच तक वह कैसे पहुँचा—इसकी जाँच एजेंसियाँ कर रही हैं। इसके अलावा, सैफुल्लाह के कई रिश्तेदार जो इस समय लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडरों में शामिल हैं, उनसे भी उसके संबंध पाए गए हैं। जिन युवाओं का वह ब्रेनवॉश करता था, उन्हें इन कमांडरों से वॉयस मेसेज के माध्यम से बातचीत भी करवाई जाती थी।
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