हमास के हमले पर चुप्पी, इजरायल पर हमला: स्वरा भास्कर का दोहरा रवैया
7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजरायल पर वीभत्स आतंकी हमला किया था। इस हमले में महिलाओं और बच्चों समेत 1,200 से अधिक लोगों की हत्या हुई, रेप और यौन हिंसा की घटनाएँ हुईं और सैकड़ों लोग बंधक बनाए गए। इसके जवाब में जब इजरायल ने गाजा में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई शुरू की तो देश में तथाकथित सेकुलर जमात और एक्टिविस्ट गुटों ने इसका विरोध शुरू कर दिया।
स्वरा भास्कर का बयान और आज़ाद मैदान सभा
20 मार्च 2025 को मुंबई के आज़ाद मैदान में गाजा के समर्थन में सभा हुई जिसमें करीब 200 लोग जुटे। स्वरा भास्कर ने यहाँ भाषण दिया और इजरायल की कार्रवाई को “वाइटवॉश” करार दिया। उन्होंने कहा कि “इतिहास की शुरुआत 7 अक्टूबर 2023 से दिखाना झूठ और मक्कारी है।”
पूर्व अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने आज़ाद मैदान में गाजा प्रदर्शन में लिया हिस्सा
मुंबई: पूर्व अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने आज मुंबई के आज़ाद मैदान में गाजा समर्थक प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
उन्होंने कहा, "गाजा के बच्चों को उनके बचपन का हक़ मिलना चाहिए।"
उनके फलस्तीन समर्थन वाले… pic.twitter.com/HHKzj1tczy
— One India News (@oneindianewscom) August 22, 2025
हमास के अपराधों पर चुप्पी
स्वरा ने अपने भाषण और सोशल मीडिया पोस्ट में गाजा के लिए तो सहानुभूति जताई लेकिन हमास के अत्याचारों—हत्या, बंधक बनाना और यौन हिंसा—पर एक शब्द नहीं बोला। BBC समेत कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों ने बताया कि हमास ने रेप और यौन हिंसा को नरसंहार की रणनीति के तौर पर इस्तेमाल किया। बावजूद इसके, स्वरा ने इसे नकारते हुए इजरायल पर ही यौन हिंसा के आरोप मढ़ दिए।
पहले भी उठ चुकी है विवाद की लहर
7 अक्टूबर हमले के बाद भी स्वरा ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर यह संकेत दिया था कि इजरायल पर हमास के हमले से सदमा जताना “पाखंड” है, जब तक कि फिलिस्तीनियों के दर्द पर बात न की जाए। इससे साफ हुआ कि वे लगातार हमास के कुकृत्यों पर सवाल उठाने से बचती रही हैं।
दोहरे मापदंडों पर सवाल
आलोचकों का कहना है कि स्वरा जैसे एक्टिविस्ट चुनिंदा घटनाओं पर ही मुखर होते हैं। पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार या यहूदी समुदाय पर हमले पर वे कभी मुखर नहीं दिखे। सवाल यह है कि क्या आतंकवादियों का बचाव करना और उनके अपराधों को नजरअंदाज करना सचमुच “सहानुभूति” है या फिर एक राजनीतिक प्रोपेगैंडा?