श्रीनगर से मिली खुफिया जानकारी के अनुसार, कश्मीर में ऑपरेशन महादेव के तहत मारे गए पहलगाम हमले के गुनहगार एक और बड़े आतंकी हमले की साजिश रच रहे थे, जिसका निशाना इस बार अमरनाथ यात्रा थी। खुफिया एजेंसियों को टेक्निकल सर्विलांस से आतंकियों की गांदरबल के जंगलों में मौजूदगी का इनपुट मिला था, जो अमरनाथ यात्रा के रूट में आता है। इसके बाद 5 जुलाई से सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और बीएसएफ ने मिलकर क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू किया। आतंकवादी लगातार अपने ठिकाने बदलते रहे, लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें ट्रैक करना जारी रखा। 24 दिन की मेहनत के बाद रविवार देर रात मुलनार गांव के पास महादेव के पहाड़ों में आतंकियों की मूवमेंट का पता चला और सोमवार सुबह 10 बजे ऑपरेशन में तीनों आतंकियों को मार गिराया गया। उनके पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ, जिससे इस बात की पुष्टि होती है कि वे किसी बड़ी वारदात की तैयारी में थे।
Mastermind of the Pahalgam attack, Suleiman Saha, has been eliminated
तीन आतंकियों की बॉडी रिकवर हुई है।तीनों पहचान कर ले गई है।
मारे गए आतंकियों के नाम :
-सुलेमान
-अबू हमज़ा उर्फ हारिस
-यासिर #indianarmy #PahalgamTerrorAttack #India pic.twitter.com/0M921QWICs
— Ashish Pant 🚩 (@AashuPant_hnbgu) July 29, 2025
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, हाशिम मूसा, जो इस मॉड्यूल का सरगना था, पहले पाकिस्तानी सेना के स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG) में कमांडो ट्रेनिंग ले चुका था और बाद में लश्कर-ए-तैयबा में शामिल होकर आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त हो गया। उसने सितंबर 2023 में भारत में घुसपैठ की थी और दक्षिण कश्मीर में आतंकी अभियान शुरू कर दिए थे। 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम हमले में 26 लोगों की मौत के लिए भी हाशिम को ही जिम्मेदार माना गया है। इसके अलावा, अक्टूबर 2024 में गांदरबल में 7 नागरिकों और बारामूला में 4 सुरक्षाकर्मियों की हत्या में भी उसकी भूमिका रही है। हाशिम एक हाईली ट्रेंड आतंकी था जिसे कठिन हालात में छिपकर काम करने और जंगलों में जीवित रहने की विशेष ट्रेनिंग प्राप्त थी।
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