अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के बाद से डोनाल्ड ट्रंप ‘Make America Great Again’ की मुहिम पर काम कर रहे हैं। अमेरिका में लोकल प्रोडक्शन को बढ़ावा देने के लिए ही ट्रंप ने टैरिफ पॉलिसी में बदलाव किया और अब वे सभी देशों में भारी-भरकम टैरिफ लगा रहे हैं। लेकिन क्या ट्रंप का अमेरिका में बड़े स्तर पर मैन्यूफैक्चरिंग स्थापित करने का सपना सच हो पाएगा? यहां हम जानेंगे कि अमेरिका में मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर के लिए कौन-कौन सी बड़ी चुनौतियां हैं?
अमेरिका का मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर अभी भी काफी मजबूत स्थिति में है, लेकिन फिर भी यहां कंपनियों को कई तरह की चुनौतियां का सामना करना पड़ रहा है जो इसकी क्षमता पर सीधा असर डालती है। इन चुनौतियों में भारी-भरकम लेबर कॉस्ट, वर्कफोर्स स्किल गैप, सप्लाई चेन में मौजूद जटिलताएं जैसी प्रमुख चीजें शामिल हैं।
भारी-भरकम लेबर कॉस्ट
अमेरिका के मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में लेबर कॉस्ट कई अन्य देशों और खासतौर पर एशियाई देशों की तुलना में कई गुना ज्यादा है। U.S. Department of Labor के अनुसार अमेरिका में न्यूनतम लेबर चार्ज 7.25 डॉलर (635.50 रुपये) प्रति घंटा है। इस वजह से अमेरिका में मैन्यूफैक्चरिंग करने वाली कंपनियों के लिए कीमतों के मामले में प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा, यहां दूसरे सेक्टरों की तुलना में मैन्यूफैक्चरिंग में उस हिसाब से सैलरी नहीं मिल पाएगी। अमेरिका में मैन्यूफैक्चरिंग से दूर भागने का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण कारण यहां का लेबर कॉस्ट ही है।
वर्कफोर्स स्किल गैप
अमेरिका में मॉडर्न मैन्यूफैक्चरिंग के लिए जरूरी टेक्निकल और इंजीनियरिंग विशेषज्ञता वाले स्किल्ड वर्कर्स की काफी कमी है। ये वर्कफोर्स स्किल गैप पिछले कुछ दशकों में मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर की नौकरियों में कमी, ट्रेनिंग में निवेश की कमी और अन्य सेक्टरों की ओर खास फोकस करने जैसे कारणों का परिणाम है।
अमेरिका के मैन्यूफैक्चरर्स वैश्विक सप्लाई चेन पर काफी हद तक निर्भर हैं, जो अपनी जटिलता के कारण महामारी, प्राकृतिक आपदाओं और व्यापारिक तनाव जैसी परिस्थितियों के प्रति बेहद संवेदनशील रहती है। विदेशी सप्लायर्स पर अधिक निर्भरता से न केवल उत्पादन का समय बढ़ जाता है, बल्कि परिवहन लागत में भी उल्लेखनीय वृद्धि होती है। इसके साथ ही, उत्पाद की गुणवत्ता और स्थिरता (कंसिस्टेंसी) बनाए रखना भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। यही प्रमुख वजहें हैं कि कई कंपनियां अमेरिका में मैन्यूफैक्चरिंग करने से कतराती हैं। इन कारणों के अलावा भी कई अन्य कारक हैं, जो अमेरिकी विनिर्माण को सीमित करते हैं, और यही कारण है कि टेस्ला और एप्पल जैसी अग्रणी अमेरिकी कंपनियां भी अपने निर्माण कार्य के लिए अन्य देशों पर निर्भर रहती हैं।
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