अहमदाबाद विमान दुर्घटना की जाँच के बीच अमेरिकी संघीय उड्डयन प्रशासन (FAA) और विमान निर्माता कंपनी बोइंग ने यह स्पष्ट किया है कि बोइंग 787 के फ्यूल कंट्रोल स्विच में कोई डिजाइन खामी नहीं है और इसके लॉकिंग फीचर्स पूरी तरह सुरक्षित हैं। 11 जुलाई 2025 को जारी FAA के सर्कुलर में कहा गया कि 787 सहित अन्य बोइंग विमानों में उपयोग होने वाला फ्यूल कंट्रोल स्विच, लॉकिंग मैकेनिज्म के लिहाज से मानकों पर खरा उतरता है और इसके लिए एयरवर्थिनेस डायरेक्टिव (AD) जारी करने की आवश्यकता नहीं है। बोइंग ने FAA के इसी सर्कुलर का हवाला देते हुए कहा कि कंपनी इस मामले में किसी अतिरिक्त कार्रवाई की सिफारिश नहीं कर रही।
भारत में इस दुर्घटना की जाँच कर रही एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक रिपोर्ट में 2018 के FAA एडवाइजरी दस्तावेज का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें बोइंग को 787 समेत अपने विमानों के फ्यूल कटऑफ स्विच की लॉकिंग व्यवस्था की जाँच की सिफारिश की गई थी, हालांकि यह कोई अनिवार्य निर्देश नहीं था। रिपोर्ट के मुताबिक, एयर इंडिया ने इस सिफारिश के तहत कोई विशेष निरीक्षण नहीं किया था।
AAIB की रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि दुर्घटनाग्रस्त विमान के थ्रॉटल कंट्रोल मॉड्यूल (TCM), जिसमें फ्यूल स्विच भी शामिल होता है, को 2019 और 2023 में बदला गया था। फिर भी यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि विमान का फ्यूल कैसे अचानक कटऑफ मोड में चला गया।
इस बीच, भारतीय पायलट संघ (ALPA इंडिया) ने जाँच को पारदर्शी और तथ्य-आधारित बनाए रखने की माँग की है और पायलटों पर किसी भी तरह की गलती के आरोपों को सिरे से नकार दिया है। अमेरिका के दो स्वतंत्र एविएशन सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स ने भी ALPA की इस माँग का समर्थन किया है।
एयर इंडिया ने भी अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के प्रोटोकॉल का पालन करने की बात कही है और AAIB की जाँच पर भरोसा जताया है।
गौरतलब है कि 12 जून 2025 को अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरते ही एयर इंडिया का एक बोइंग 787 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें 260 यात्रियों की मौत हो गई थी। प्रारंभिक निष्कर्षों में फ्यूल कंट्रोल स्विच के “OFF” हो जाने को दुर्घटना का संभावित कारण माना गया था, लेकिन अब FAA और बोइंग दोनों ने फ्यूल स्विच सिस्टम को पूरी तरह सुरक्षित बताते हुए किसी तकनीकी दोष से इनकार किया है।