बाड़मेर में कॉलेज फीस बढ़ोतरी के विरोध के दौरान विवाद, ABVP के दो छात्र नेता हिरासत में
राजस्थान के बाड़मेर में मुल्तानमल भीखचंद छाजेड महिला कॉलेज की फीस बढ़ोतरी के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन के दौरान जिला कलेक्टर टीना डाबी को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद खड़ा हो गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े दो छात्र नेताओं की टिप्पणी के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
छात्राओं का आरोप—मामूली टिप्पणी पर कार्रवाई
प्रदर्शन में शामिल छात्राओं का दावा है कि पुलिस ने दोनों छात्र नेताओं को केवल इसलिए हिरासत में लिया क्योंकि उनमें से एक ने जिला कलेक्टर टीना डाबी को अपना रोल मॉडल मानने से इनकार करते हुए उन्हें ‘रील स्टार’ कह दिया था। छात्राओं के अनुसार, यह एक मामूली टिप्पणी थी, लेकिन प्रशासन ने इसे गंभीर मुद्दा बनाकर कार्रवाई कर दी।
Barmer, Rajasthan: During a student protest in Barmer, remarks calling DM Tina Dabi a “reel star” led police to detain protesters under non-bailable charges. After backlash, the SP ordered their release and expressed regret. pic.twitter.com/ox53I0k5Kh
— Krishna Chaudhary (@KrishnaTOI) December 22, 2025
हिरासत के बाद कोटवाली थाने में धरना
दोनों नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद बड़ी संख्या में छात्राएं कोटवाली पुलिस थाने पहुंच गईं और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्राओं ने गिरफ्तार किए गए नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग की और आरोप लगाया कि प्रशासन उनकी फीस बढ़ोतरी संबंधी शिकायतों को सुनने के बजाय आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रहा है।
अधिकारियों के दौरे के दौरान बढ़ा तनाव
इससे पहले स्थिति को संभालने के लिए एसडीएम और एडीएम सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने कॉलेज का दौरा किया था। बातचीत के दौरान एसडीएम ने कथित तौर पर जिला कलेक्टर टीना डाबी को रोल मॉडल बताया, जिस पर छात्र भड़क गए। छात्रों ने कहा कि उनके रोल मॉडल टीना डाबी नहीं, बल्कि अहिल्याबाई होलकर हैं। इसी दौरान टीना डाबी को ‘रील स्टार’ कहे जाने से माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
एसपी ने मानी गलती, छात्रों को किया शांत
तनाव बढ़ता देख बाड़मेर के एसपी नरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत कर उन्हें शांत करने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने कहा, “हमसे गलती हुई है, हम इसे स्वीकार करते हैं,” जिससे हालात कुछ हद तक संभले।
टीना डाबी का बयान—कानून-व्यवस्था के लिए उठाया गया कदम
बाद में जिला कलेक्टर टीना डाबी ने फोन पर प्रतिक्रिया देते हुए पूरे विवाद को खारिज किया। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार हुआ था और स्थिति बिगड़ने से रोकने के लिए पुलिस ने नियमित कानून-व्यवस्था के तहत कार्रवाई की।
बिना केस दर्ज रिहाई, तनाव कम करने की कोशिश
कलेक्टर टीना डाबी ने यह भी स्पष्ट किया कि छात्र नेताओं को बिना कोई मामला दर्ज किए रिहा कर दिया गया। उन्होंने कहा कि जिले में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच तनाव को कम करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया, ताकि हालात और न बिगड़ें।
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