केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार (21 नवंबर 2025) को गुजरात के भुज में सीमा सुरक्षा बल (BSF) की 176वीं बटालियन के परिसर में आयोजित 61वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता की रक्षा में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देने और उनके बलिदान को नमन करने के साथ हुई। शाह ने कहा कि BSF सिर्फ एक सुरक्षा बल नहीं, बल्कि भारत की सीमाओं की ‘पहली ढाल’ है, जिसने दशकों से चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में देश की सुरक्षा सुनिश्चित की है।
अपने संबोधन में शाह ने विशेष रूप से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन में BSF और भारतीय सेना के साहस, रणनीति और तेज़ कार्रवाई ने पाकिस्तान की योजनाओं को ध्वस्त कर दिया। अभियान के दबाव और भारत की जवाबी क्षमता से घबराकर पाकिस्तान कुछ ही दिनों में एकतरफा युद्धविराम की घोषणा करने पर मजबूर हो गया। शाह ने कहा कि यह घटना भारत की सामरिक शक्ति और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है, और दुनिया के लिए संदेश है कि भारतीय सीमाओं की ओर बढ़ाया गया हर कदम महँगा साबित होगा।
बिहार की जनता का NDA को दिया गया प्रचंड जनमत, मोदी जी के 'घुसपैठिया मुक्त भारत' के संकल्प पर मुहर है। pic.twitter.com/6rXnMm8x5T
— Amit Shah (@AmitShah) November 21, 2025
गृह मंत्री ने अपने भाषण में राष्ट्रीय सुरक्षा और घुसपैठ के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा,
“हम इस देश के हर एक घुसपैठिए को चुन-चुनकर बाहर करेंगे। यह सिर्फ एक राजनीतिक वादा नहीं, बल्कि भारत की सुरक्षा के प्रति हमारा संकल्प है।”
शाह ने कहा कि SIR प्रक्रिया (Selection, Identification and Removal) देश की सुरक्षा, लोकतांत्रिक व्यवस्था और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल इस प्रक्रिया को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं और घुसपैठियों को बचाने की नीति पर चल रहे हैं।
बिहार चुनाव के उदाहरण देते हुए शाह ने कहा कि वहाँ की जनता ने स्पष्ट रूप से राष्ट्रीय सुरक्षा और SIR प्रक्रिया के पक्ष में मतदान किया, जिसे वे जनता का निर्णायक जनादेश मानते हैं।
कार्यक्रम के दौरान शाह ने देशवासियों से स्पष्ट अपील की कि वे चुनाव आयोग द्वारा संचालित SIR प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग दें। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सरकारी अभियान नहीं, बल्कि भारत की सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा राष्ट्रीय दायित्व है।
अंत में, गृह मंत्री ने चेतावनी भरे स्वर में कहा—
“मैं उन पार्टियों को कहना चाहता हूँ जो घुसपैठियों के लिए आवाज उठा रही हैं—देश का जनादेश स्पष्ट है। जनता अपनी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी।”
अमित शाह के बयान ने एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा और घुसपैठ के मुद्दे को राजनीतिक और सार्वजनिक बहस के केंद्र में ला दिया है, वहीं BSF के जवानों ने समारोह में अपने कौशल का प्रदर्शन कर देश की सुरक्षा प्रतिबद्धता को फिर दोहराया।
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