उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपना 10वाँ बजट पेश कर दिया है। 9 लाख करोड़ रुपए से अधिक के इस बड़े बजट में महिलाओं और बेटियों को केंद्र में रखा गया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता के अवसर प्रदान करना है।
मेधावी बेटियों को स्कूटी, शिक्षा सुविधाओं का विस्तार
सरकार ने रानी लक्ष्मीबाई योजना के तहत मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने के लिए 400 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। इसके अलावा प्रदेश के सभी विकास खंडों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय खोले जाएंगे, जिससे बेटियों को बेहतर शिक्षा सुविधाएं मिल सकें। हर जिले में महिलाओं के लिए सुरक्षित छात्रावास (वर्किंग वूमेन हॉस्टल) बनाने की योजना भी बजट में शामिल है। मुख्यमंत्री सुमंगला योजना के तहत जनवरी 2026 तक 26.81 लाख बालिकाएं लाभान्वित हो चुकी हैं।
महिलाओं के लिए स्पेशल स्किल और जॉब सेंटर
महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए राज्य में विशेष स्किल डेवलपमेंट केंद्र और समर्पित जॉब प्लेसमेंट सेंटर स्थापित किए जाएंगे। ये केंद्र महिलाओं को प्रशिक्षण देने के साथ रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में मदद करेंगे। मिशन शक्ति के तहत सुरक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार योजनाओं को एकीकृत किया गया है।
आंकड़ों में महिला सशक्तीकरण की तस्वीर
बजट में महिला सशक्तीकरण से जुड़े कई अहम आंकड़े भी सामने आए। प्रदेश की 58,000 ग्राम पंचायतों में 39,880 बीसी सखियों ने 39,000 करोड़ रुपए से अधिक का लेनदेन किया और 107 करोड़ रुपए का लाभ अर्जित किया। करीब 60,000 महिला गन्ना किसानों को पर्ची निर्गमन में प्राथमिकता दी जा रही है। दुग्ध उत्पादन क्षेत्र में प्रयागराज और लखनऊ में नई महिला मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियाँ स्थापित की जाएंगी।
सुरक्षा, पेंशन और मानदेय पर जोर
सेफ सिटी परियोजना के तहत सीसीटीवी नेटवर्क और एंटी रोमियो स्क्वाड को मजबूत किया जा रहा है। बजट में विधवा, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगों की पेंशन बढ़ाने का संकेत दिया गया है। वहीं स्कूलों में अनुदेशकों का मानदेय 9,000 रुपए से बढ़ाकर लगभग 17,000 रुपए करने की तैयारी है, जिससे बड़ी संख्या में महिला शिक्षकों को लाभ मिलेगा।
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