यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन सोमवार को राजधानी दिल्ली में आयोजित भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उनके साथ यूरोपीय परिषद के प्रमुख लुइस सैंटोस दा कोस्टा भी मौजूद थे। यह पहला मौका था जब यूरोपीय संघ (ईयू) के दो शीर्ष नेताओं ने भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर भाग लिया।
गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने के बाद उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “एक सफल भारत दुनिया को ज्यादा स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित बनाता है, और इसका फायदा हम सभी को होता है।” उनका यह बयान भारत और यूरोपीय संघ के बीच मंगलवार को होने वाली उच्च स्तरीय बैठक और संभावित ऐतिहासिक व्यापार समझौते से ठीक पहले आया है। डेर लेयेन तीन दिन की आधिकारिक भारत यात्रा पर हैं।
उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने को अपने जीवन का सबसे बड़ा सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच संबंध न केवल आर्थिक बल्कि वैश्विक स्थिरता और सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद अहम हैं।
It is the honor of a lifetime to be Chief Guests at the Republic Day celebrations.
A successful India makes the world more stable, prosperous and secure.
And we all benefit ↓ https://t.co/boeqFGv15Q
— Ursula von der Leyen (@vonderleyen) January 26, 2026
भारत-ईयू शिखर सम्मेलन के दौरान लंबे समय से लंबित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप देने की घोषणा किए जाने की संभावना है। नई दिल्ली आने से कुछ दिन पहले ही डेर लेयेन ने कहा था कि भारत और यूरोपीय संघ एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते के बेहद करीब हैं। यह समझौता करीब दो अरब लोगों का साझा बाजार बनाएगा, जो दुनिया की कुल जीडीपी का लगभग 25 प्रतिशत होगा।
स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान उन्होंने कहा था, “मैं भारत जा रही हूं। अभी कुछ काम बाकी है, लेकिन हम एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते के करीब हैं। कुछ लोग इसे ‘मदर ऑफ ऑल ट्रेड’ कह रहे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि यह समझौता यूरोप को दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते और गतिशील क्षेत्रों में से एक के साथ पहले कदम का लाभ देगा।
यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। साल 2023-24 में भारत और ईयू के बीच 135 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का व्यापार हुआ था। भारत और यूरोपीय संघ ने पहली बार 2007 में मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू की थी, लेकिन 2013 में यह प्रक्रिया रुक गई थी। बाद में 2022 में इसे फिर से शुरू किया गया।
खबरों के मुताबिक, भारत यूरोपीय संघ से आयात होने वाली कारों पर टैक्स को 110 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत करने की योजना बना रहा है। भारत सरकार ने ईयू के 27 सदस्य देशों से आने वाली कुछ महंगी कारों, जिनकी कीमत 15 हजार यूरो से अधिक है, पर टैक्स तुरंत कम करने पर सहमति जताई है। भविष्य में इसे और घटाकर 10 प्रतिशत तक किए जाने की संभावना है।
इस कदम से फॉक्सवैगन, मर्सिडीज-बेंज और बीएमडब्ल्यू जैसी यूरोपीय कार कंपनियों को भारतीय बाजार में प्रवेश और विस्तार में बड़ी आसानी मिलेगी। कुल मिलाकर, यह दौरा भारत-ईयू संबंधों को नई ऊंचाई देने और वैश्विक व्यापार व सहयोग को मजबूत करने की दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है।
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