उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार (22 जनवरी 2025) को प्रदेशवासियों के नाम एक भावनात्मक पत्र लिखा, जिसका शीर्षक है ‘योगी की पाती’। इस पत्र में मुख्यमंत्री ने बीते वर्षों में उत्तर प्रदेश में आए व्यापक बदलावों, सरकार की नीतियों, विकास की उपलब्धियों और भविष्य के संकल्पों को विस्तार से साझा किया।
सीएम ने पत्र में प्रदेश की उस यात्रा का उल्लेख किया, जिसमें उत्तर प्रदेश ने एक समय की बीमारू राज्य की छवि को पीछे छोड़ते हुए देश के विकास के प्रमुख ग्रोथ इंजन के रूप में अपनी पहचान बनाई। पत्र में सुशासन, कानून व्यवस्था, आर्थिक प्रगति, सामाजिक सशक्तिकरण और सांस्कृतिक पुनर्जागरण जैसे महत्वपूर्ण विषय प्रमुखता से सामने आए।
मेरे सम्मानित प्रदेश वासियों,
असीम संभावनाओं वाला हमारा प्रदेश संघर्ष और नीतिगत उदासीनता की बेड़ियों को तोड़ते हुए बीमारू राज्य से भारत के विकास का ग्रोथ इंजन बन गया है। दृढ़ संकल्प के साथ हमने कानून एवं सुशासन का राज स्थापित किया है।
हमने जीरो पॉवर्टी लक्ष्य के साथ 6 करोड़ से… pic.twitter.com/9HqVCWp2B0
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) January 22, 2026
कानून और सुशासन के क्षेत्र में उन्होंने लिखा कि स्पष्ट नीतियों और दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति के चलते प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है। पहले जहाँ माफिया और अपराधियों को संरक्षण मिलता था, अब उनके अवैध साम्राज्यों पर कठोर कार्रवाई की गई है। बेहतर कानून व्यवस्था के कारण निवेश का माहौल बदला है और निवेशक अब उत्तर प्रदेश को उद्योग और व्यापार के लिए आकर्षक गंतव्य मान रहे हैं।
अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन पर भी सीएम ने विशेष ध्यान दिया। उन्होंने बताया कि कृषि क्षेत्र में उत्तर प्रदेश देश की खाद्य और आय सुरक्षा का मजबूत आधार बना है। ‘बीज से बाजार तक’ की व्यवस्था और सीधे बैंक खातों में भुगतान (DBT) से किसानों की आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। औद्योगिक विकास, लेबर रिफॉर्म, एमएसएमई को बढ़ावा, कौशल विकास, स्टार्टअप संस्कृति और ODOP (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) जैसी योजनाओं ने स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाई और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित किए।
समाज के हर वर्ग के सशक्तिकरण पर भी पत्र में जोर दिया गया। महिलाओं की श्रमबल में भागीदारी बढ़ी, बेटियों के जन्म से विवाह तक आर्थिक सहायता दी जा रही है, वहीं निराश्रित महिलाओं, वृद्धों और दिव्यांगजनों के लिए पेंशन योजनाएँ संचालित की गई हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और हेल्थ-टेक के माध्यम से सुविधाएँ आमजन तक पहुँच रही हैं। जल, थल और नभ कनेक्टिविटी के विकास ने व्यापार, पर्यटन और निवेश को नई गति दी है। साथ ही अयोध्या, काशी, मथुरा से लेकर संभल तक सांस्कृतिक चेतना और परंपराओं का पुनर्जागरण हो रहा है।
सीएम ने जीरो पॉवर्टी लक्ष्य का उल्लेख करते हुए बताया कि 6 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है। उन्होंने लिखा, “डबल इंजन सरकार ने प्रदेश को ‘बॉटलनेक से ब्रेक’, ‘रेवेन्यू डेफिसिट से रेवेन्यू सरप्लस’ एवं ‘उपद्रव से उत्सव की ओर अग्रसर किया है।”
अंत में मुख्यमंत्री ने 24 जनवरी को मनाए जाने वाले उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ दीं और विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को दोहराया। साल 2026 में उत्तर प्रदेश 77 साल पूरे करेगा। 24 जनवरी 1950 को संयुक्त प्रांत का नाम बदलकर ‘उत्तर प्रदेश’ किया गया था और इसे ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।
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