महाराष्ट्र की राजनीति में एक बेहद घटिया और शर्मनाक बयान को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। खुद को “विद्रोही सिंगर” बताने वाली अंजलि भारती ने एक सार्वजनिक मंच से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए बलात्कारियों को उकसाने जैसा बयान दिया। उन्होंने खुलेआम कहा कि लड़कियों को निशाना बनाने के बजाय बलात्कारी मुख्यमंत्री की पत्नी को क्यों नहीं निशाना बनाते। इस बयान का वीडियो सामने आते ही राज्यभर में आक्रोश फैल गया है।
इस मामले में कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। हिंदू आईटी सेल के संस्थापक रमेश सोलंकी ने अंजलि भारती के बयान को “राजनीतिक गंदगी का नया निचला स्तर” बताते हुए कहा कि यह अभिव्यक्ति की आज़ादी नहीं, बल्कि एक महिला के खिलाफ यौन हिंसा के लिए आपराधिक उकसावा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में तत्काल संज्ञान लेकर अंजलि भारती के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
Statement by singer Anjali Bharti inciting and threatening rape against @fadnavis_amruta mam is utterly disgusting, vile, and a new low in political filth
This isn't 'free speech' it's criminal incitement to sexual violence against a woman
Please take note and strictest action… pic.twitter.com/K00oH7abR3
— Ramesh Solanki 🇮🇳 (@Rajput_Ramesh) January 27, 2026
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने भी इस बयान की तीखी निंदा की है। उन्होंने कहा कि राजनीति में विचारों का संघर्ष होना चाहिए, न कि गंदी और अश्लील भाषा का प्रदर्शन। अठावले ने स्पष्ट किया कि एक महिला द्वारा दूसरी महिला के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल मानसिक विकृति को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि अमृता फडणवीस एक मजबूत व्यक्तित्व हैं और उन्हें इस तरह निशाना बनाना महाराष्ट्र की संस्कृति के खिलाफ है। साथ ही उन्होंने आंबेडकरी आंदोलन की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आंदोलन महिलाओं के सम्मान की सीख देता है और ऐसी प्रवृत्तियों को कुचलना जरूरी है।
राजकारणात विचारांचे युद्ध असावे, पण शब्दांचे प्रदर्शन इतके घाणेरडे नसावे. गायिका अंजली भारती यांनी अमृता फडणवीस यांच्याबद्दल जे विधान केले आहे, ते ऐकून माणुसकीलाच लाज वाटली आहे. एका बाजूला आपण महिलांच्या सन्मानासाठी लढतो आणि दुसरीकडे बलात्कार किंवा हिंसेसारख्या गंभीर विषयावर…
— Ramdas Athawale (@RamdasAthawale) January 27, 2026
राज्य महिला आयोग ने भी इस बयान पर कड़ा रुख अपनाया है। आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने कहा कि यह टिप्पणी न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि समाज में हिंसा फैलाने वाली भी है। आयोग ने अंजलि भारती को नोटिस भेजने और जांच के बाद उचित कार्रवाई करने की बात कही है। वहीं, बीजेपी महिला मोर्चा की अध्यक्ष चित्रा वाघ ने इसे एक महिला की गरिमा पर सीधा हमला बताते हुए अंजलि भारती की गिरफ्तारी की मांग की है। शिवसेना (यूबीटी) की नेता किशोरी पेडणेकर ने भी इस बयान को “घिनौनी भाषा” करार देते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।
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