पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने देश की मौजूदा सामाजिक और आर्थिक स्थिति के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि पाकिस्तान को जिहाद के नाम पर गुमराह किया गया। संसद में दिए गए बयान में उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने पाकिस्तान का इस्तेमाल अपने हितों के लिए किया और बाद में उसे “टॉयलेट पेपर से भी बदतर” समझकर छोड़ दिया।
‘मेड इन अमेरिका जिहाद’ में शामिल होने की बात स्वीकार
ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में किसी मजहबी युद्ध में नहीं बल्कि अमेरिका द्वारा थोपे गए “मेड इन अमेरिका जिहाद” में भाग लिया। उनके अनुसार, 1980 के दशक में अफगान युद्ध को धार्मिक रंग देना पाकिस्तान की विदेश नीति की सबसे बड़ी ऐतिहासिक भूल साबित हुई।
पाक रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का अमेरिका पर :
"US ने पाकिस्तान को इस्तेमाल कर टॉयलेट पेपर की तरह फेंक दिया, 1999 के बाद गठबंधन की कीमत विनाशकारी!"
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— One India News (@oneindianewscom) February 11, 2026
जिहाद के नाम पर जनता को गुमराह करने का आरोप
रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तानियों को जिहाद के नाम पर गुमराह किया गया और अमेरिकी हितों के लिए लड़ने भेजा गया। इस दौरान शिक्षा प्रणाली में भी बदलाव किए गए, जिसका असर आज भी समाज में देखा जा सकता है।
9/11 के बाद राष्ट्रीय हितों से समझौते का आरोप
ख्वाजा आसिफ ने कहा कि 9/11 के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका को खुश करने के लिए कई फैसले किए, जिससे देश अपने राष्ट्रीय हितों से दूर होता गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका अपने फायदे हासिल कर आगे बढ़ गया, जबकि पाकिस्तान हिंसा, कट्टरता और आर्थिक संकट में फंस गया।
पूर्व सैन्य शासकों पर भी साधा निशाना
उन्होंने जनरल जियाउल हक और परवेज मुशर्रफ के फैसलों को भी जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इन नीतियों से देश की सुरक्षा, समाज और अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ।
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