पर्युषण पर्व के अंतिम दिन लोग क्यों एक-दूसरे से कहते हैं मिच्छामी दुक्कड़म, आप भी जान लें वजह
पर्युषण पर्व का महत्व जैन समाज में पर्युषण पर्व का विशेष स्थान है। यह आत्मशुद्धि, संयम, तप और क्षमा का पर्व माना जाता है। इस वर्ष यह पर्व 24 अगस्त से प्रारंभ हुआ है। श्वेतांबर और दिगंबर परंपरा...