बलूचिस्तान में पाकिस्तानी फौज के खिलाफ उठ रही आवाज़ों के बीच बलूच एक्टिविस्टों ने ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ की ओर से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने की घोषणा की है। इस फैसले की जानकारी बलूच नेता मीर यार बलूच ने साझा की है।
मीर यार बलूच ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक प्रेस रिलीज जारी करते हुए लिखा कि रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान वर्ष 2026 में भारत और भारतीय भाइयों-बहनों के साथ सदियों पुरानी मित्रता, भाईचारे और पारस्परिक सम्मान के संबंधों को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बलूचिस्तान का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार ‘बलूची दस्तार’ प्रदान करने की योजना बना रहा है। उन्होंने कहा कि इसका मकसद जन-से-जन संपर्क को विस्तार देना और ऐतिहासिक रिश्तों को उजागर करना है।
रिपब्लिक ऑफ़ बलूचिस्तान गर्व के साथ घोषणा करता है कि वर्ष 2026 में भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को कृतज्ञता, एकजुटता और स्थायी मित्रता के प्रतीक के रूप में बलूचिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान “बलूची दस्तार” से सम्मानित किया जाएगा।@narendramodi @PMOIndia… https://t.co/wwzCwp4diE pic.twitter.com/huQ5Qn8E7v
— Mir Yar Baloch (@miryar_baloch) December 18, 2025
बलूचिस्तान का प्रतिनिधित्व करने वाले कई कार्यकर्ता और नेता फिलहाल विभिन्न देशों में निर्वासन का जीवन जी रहे हैं। उनका आरोप है कि पाकिस्तानी उत्पीड़न और दमन के डर से उन्हें अपना क्षेत्र छोड़ना पड़ा। बलूच नेताओं का दावा है कि पाकिस्तानी फौज ने बलूचिस्तान पर बलपूर्वक कब्जा कर रखा है। इसी पृष्ठभूमि में रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान द्वारा वर्ष 2026 में प्रधानमंत्री मोदी को ‘बलूची दस्तार’ देने की घोषणा की गई है।
मीर यार बलूच के अनुसार, ‘बलूची दस्तार’ केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि विश्वास, अटूट मित्रता और शाश्वत भाईचारे का पवित्र प्रतीक है। यह पारंपरिक बलूच पगड़ी केवल उन्हीं व्यक्तियों को दी जाती है, जिन्होंने बलूच राष्ट्र के दुख, संघर्ष और उसके न्यायोचित अधिकारों के लिए मजबूती से साथ खड़ा रहने का संदेश दिया हो। इस सम्मान के साथ प्राप्तकर्ता पर इस मित्रता को आगे बढ़ाने की नैतिक जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है।
प्रेस रिलीज में बलूच नेतृत्व ने भारत के 1.4 अरब लोगों के प्रति आभार जताया है, जिनके नैतिक और मीडिया समर्थन के कारण बलूचिस्तान की आवाज़ अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंची। खास तौर पर 15 अगस्त 2016 को लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बलूचिस्तान के लोगों का उल्लेख किए जाने को बलूच समुदाय एक ऐतिहासिक और भावनात्मक क्षण मानता है। उनके अनुसार, इसी बयान से बलूच मुद्दे को वैश्विक मीडिया में नई पहचान मिली।
मीर यार बलूच ने उम्मीद जताई है कि वर्ष 2026 भारत और बलूचिस्तान के संबंधों में नई दिशा लेकर आएगा। उन्होंने कूटनीति, राजनीति, अर्थव्यवस्था, रक्षा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में भविष्य के सहयोग की संभावनाओं का भी उल्लेख किया। साथ ही ओमान द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को दिए गए सर्वोच्च नागरिक सम्मान का हवाला देते हुए कहा कि यह मुस्लिम जगत में भारत की बढ़ती स्वीकार्यता का संकेत है। ओमान में बसे प्रभावशाली बलूच समुदाय ने भी प्रधानमंत्री मोदी को बलूचिस्तान और ओमान का सच्चा मित्र बताया है।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel