ब्राज़ील के राष्ट्रपति Luiz Inacio Lula da Silva ने कहा कि उथल-पुथल भरे वैश्विक हालात में भारत और ब्राज़ील को अपनी रणनीतिक बातचीत और गहरी करनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi के साथ मुलाकात के बाद कहा कि दोनों देश UN, WTO और G20 जैसे मंचों पर अधिक न्यायपूर्ण और अंतरराष्ट्रीय कानून-आधारित वैश्विक शासन के लिए साझेदार हैं।
UN सुधार और G4 पर जोर
राष्ट्रपति लूला ने कहा कि 20वीं सदी के ढांचे में 21वीं सदी की चुनौतियों का समाधान संभव नहीं है। उन्होंने UN सुधार, खासकर United Nations Security Council के विस्तार पर जोर देते हुए कहा कि यह ग्लोबल साउथ के हितों का बेहतर प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करेगा।
#WATCH | Delhi | Brazilian President Luiz Inácio Lula da Silva says, "…For over 20 years, Brazil, India, Japan and Germany set up a group called G4 where we defend the increase of the UN Security Council, which is something that hasn't happened until now, but will definitely… pic.twitter.com/wmZddu7B4f
— ANI (@ANI) February 21, 2026
उन्होंने याद दिलाया कि ब्राज़ील, भारत, जापान और जर्मनी पिछले दो दशकों से G4 के जरिए सुरक्षा परिषद में स्थायी और अस्थायी सदस्यता के विस्तार की मांग कर रहे हैं। लूला ने कहा कि ब्राज़ील और भारत स्थायी सदस्यता के “स्वाभाविक उम्मीदवार” हैं और प्रतिनिधित्व बढ़ाना वैश्विक शासन को वैधता और प्रभावशीलता देगा।
शांति और सतत विकास पर साझा दृष्टि
लूला ने कहा कि संघर्षपूर्ण दुनिया में निष्पक्ष और सतत विकास संभव नहीं है। उन्होंने BRICS शिखर सम्मेलन (रियो डी जनेरियो) में प्रधानमंत्री मोदी के उस कथन का उल्लेख किया कि “20वीं सदी के पुराने टाइपराइटर में 21वीं सदी का सॉफ्टवेयर नहीं चल सकता।”
#WATCH | Delhi | Brazilian President Luiz Inácio Lula da Silva says, "Prime Minister Modi and I talked at length about how we can persevere on the path to peace. There is no possibility of having a fair, sustainable development in a conflicted world. As stated by Prime Minister… pic.twitter.com/QctHEvQg2c
— ANI (@ANI) February 21, 2026
उन्होंने जोर दिया कि भारत-ब्राज़ील मिलकर काम करें तो ग्लोबल साउथ की आवाज़ और मजबूत होगी और दुनिया को नए शीत युद्ध जैसी स्थिति से बचाया जा सकेगा।
आतंकवाद और कश्मीर पर रुख
राष्ट्रपति लूला ने कश्मीर में हुए हमलों की निंदा करते हुए कहा कि आतंकवाद किसी धर्म या राष्ट्रीयता से जुड़ा नहीं है। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे से बाहर हस्तक्षेप के बहाने के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही, ब्राज़ील ने दक्षिण अमेरिका को “शांति का क्षेत्र” बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।
बहुपक्षीय मंचों पर साझेदारी
लूला ने कहा कि भारत और ब्राज़ील World Trade Organization और G20 जैसे मंचों पर मिलकर अधिक संतुलित और समावेशी वैश्विक ढांचा बनाने के लिए काम करेंगे।
उनका यह बयान भारत-ब्राज़ील संबंधों को नई दिशा देने और ग्लोबल साउथ की सामूहिक आवाज़ को सशक्त करने की पहल के रूप में देखा जा रहा है।
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