अमेरिका द्वारा भारत से निर्यात होने वाले कुछ उत्पादों पर 50% तक का टैरिफ लगाने के फैसले को लेकर केंद्र सरकार ने स्थिति को “गंभीर लेकिन नियंत्रण में” बताया है। वाणिज्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस निर्णय का सीधा और तात्कालिक असर वस्त्र, रसायन और मशीनरी जैसे प्रमुख निर्यात क्षेत्रों पर जरूर पड़ेगा, लेकिन लंबी अवधि में भारत की अर्थव्यवस्था के लिए यह नुकसानकारी साबित नहीं होगा। सरकार के मुताबिक, प्रभावित उद्योगों और निर्यातकों ने हालात से निपटने के लिए अपने सुझाव भेजे हैं। इनका कहना है कि इस फैसले से ऑर्डर में गिरावट, तरलता संकट और वित्तीय दबाव जैसी चुनौतियां सामने आ सकती हैं, जिनका सीधा असर उत्पादन और संचालन पर पड़ना तय है। इसलिए उद्योगों ने सरकार से अल्पकालिक राहत और समर्थन की मांग की है। अधिकारी ने यह भी भरोसा दिलाया कि इन सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है और जल्द ही उन्हें लागू करने के कदम उठाए जाएंगे।
वाणिज्य मंत्रालय इस समय “एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन” को तेज़ी से आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है, जिससे निर्यातकों को न केवल वित्तीय सहायता मिल सके बल्कि संरचनात्मक सहयोग भी प्राप्त हो। मंत्रालय का मानना है कि अमेरिका का यह टैरिफ फैसला भारत के लिए एक “चेतावनी संकेत” है, और अब समय आ गया है कि भारत अपनी सप्लाई चेन को और अधिक मजबूत और लचीला बनाए। इससे न केवल निर्यात, बल्कि आयात को लेकर भी स्थिरता सुनिश्चित होगी।
अमेरिका के साथ जारी द्विपक्षीय व्यापार वार्ता पर भी अधिकारी ने प्रकाश डाला। उनका कहना था कि बातचीत फिलहाल जारी है और जल्द प्रगति की उम्मीद है। हालांकि अभी तक किसी औपचारिक व्यापार समझौते पर चर्चा शुरू नहीं हुई है। भारत का मानना है कि अगर अमेरिका द्वारा लगाए गए अतिरिक्त 25% शुल्क को सुलझाए बिना कोई समझौता किया जाता है, तो उससे निर्यातकों को विशेष राहत नहीं मिलेगी। इसलिए वार्ता को आगे बढ़ाने में जल्दबाजी नहीं की जा रही है।
सरकारी अधिकारी ने यह भी कहा कि भले ही स्थिति गंभीर दिख रही है, लेकिन भारत का घरेलू बाजार लगातार विस्तार कर रहा है। जीएसटी सुधारों और बढ़ती हुई आंतरिक मांग के चलते स्थानीय बाजार अब अधिक मजबूत हो गया है। ऐसे में जो उत्पाद निर्यात नहीं हो पाएंगे, उनकी खपत घरेलू स्तर पर आसानी से संभव होगी। इस दृष्टि से, घरेलू मांग एक तरह का बफर बन सकती है और निर्यातकों के दबाव को काफी हद तक कम कर सकती है।
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