उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ नावेद उर्फ कासिब पठान नामक युवक को 18 हिंदू लड़कियों को लव जिहाद में फँसाने, उनसे दुष्कर्म, फिर वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और धर्मांतरण के लिए दबाव डालने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उसकी गिरफ्तारी 12 जुलाई 2025 को एक हिंदू युवती की शिकायत पर हुई, जिसमें उसने बताया कि नावेद ने खुद को ‘शिव वर्मा’ बताकर दोस्ती की थी और शादी का झाँसा देकर दो वर्षों तक शोषण किया।
पुलिस की जाँच में पता चला है कि नावेद के मोबाइल में लगभग 1900 आपत्तिजनक फोटो और वीडियो पाए गए हैं। उसने चार फर्जी इंस्टाग्राम आईडी भी बना रखी थीं, जिनमें सभी में हिंदू नामों का इस्तेमाल कर लड़कियों को प्रेमजाल में फँसाया गया था। यही नहीं, इस पूरे रैकेट में उसका भाई कैफ भी शामिल था, जो कई मामलों में नावेद के साथ मिलकर लड़कियों का यौन शोषण करता था।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि जब वह गर्भवती हुई, तो नावेद, उसके भाई कैफ, पिता आलम, माँ उजमा और बहन समन ने उस पर गर्भपात का दबाव बनाया। विरोध करने पर नावेद ने उसके पेट में लात मारकर जबरन गर्भपात कराया। पीड़िता के अनुसार, नावेद हाथ में कलावा बाँधता था, माथे पर तिलक लगाता था और हिंदू देवी-देवताओं की कसमें खाता था ताकि भरोसा जीत सके।
जब लड़की ने नावेद का असली नाम और धर्म जाना, तो उसने पूछा तो नावेद ने साफ कहा, “हिंदू लड़कियों को फँसाना सवाब का काम है।” इसके बाद वह धर्म परिवर्तन कर निकाह करने का दबाव डालने लगा। युवती ने किसी तरह साहस जुटाकर एफआईआर दर्ज करवाई।
पुलिस को संदेह है कि नावेद और कैफ, बलरामपुर के छांगुर धर्मांतरण गैंग से भी जुड़े हो सकते हैं। मामले में रैकेट का मास्टरमाइंड आकिल बताया जा रहा है, जिसकी तलाश जारी है। यह घटना न केवल लव जिहाद की भयावहता को उजागर करती है, बल्कि यह भी बताती है कि सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान बनाकर कैसे मासूम लड़कियों को निशाना बनाया जा रहा है।
पुलिस ने नावेद को गिरफ्तार कर लिया है और अब उसके नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है। यह मामला समाज के लिए एक चेतावनी है, जहाँ सतर्कता और सावधानी की अत्यधिक आवश्यकता है, खासकर युवतियों को सोशल मीडिया और दोस्ती के नाम पर धोखे से बचने की जरूरत है।