उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में एक चौंकाने वाली और अमानवीय घटना सामने आई है, जिसमें एक हिंदू युवती को उसकी मुस्लिम सहेली रीना बानो ने धोखे से अपने घर बुलाकर एक षड्यंत्र का शिकार बनाया। यह घटना दिसंबर 2024 की है, जब पीड़िता, जो आईटीआई कॉलेज की छात्रा थी, अपनी क्लासमेट रीना बानो के बुलावे पर उसके पिहानी थाना क्षेत्र स्थित घर गई थी। वहाँ पहले से मौजूद रीना के ससुराल का रिश्तेदार हैदर, जो प्रयागराज से आया हुआ था, ने कमरे में बंद करके युवती के साथ तमंचे की नोक पर बलात्कार किया और घटना का वीडियो बना लिया।
इसके बाद सात महीने तक लगातार वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल किया गया और पीड़िता पर इस्लाम कबूल कर निकाह करने का दबाव डाला गया। पीड़िता ने डर और शर्म के कारण चुप्पी साधे रखी, लेकिन मानसिक रूप से टूटती चली गई। 11 जुलाई 2025 को उसने साहस दिखाकर शाहाबाद थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें रेप, ब्लैकमेलिंग, जबरन धर्मांतरण का दबाव और अश्लील वीडियो बनाने जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज हुआ।
#HardoiPolice
थाना शाहाबाद पुलिस द्वारा मु0अ0सं0 478/25 धारा 127(2) /64(1)/61(2)(a)/351(3) बीएनएस व 3/5(3) उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम से संबंधित अभियुक्ता की गिरफ्तारी के संबंध में-#UPPolice pic.twitter.com/vjk1xcZfKb
— Hardoi Police (@hardoipolice) July 12, 2025
पुलिस ने यूपी धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत कार्यवाही करते हुए रीना बानो को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी हैदर अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है। सीओ शाहाबाद अनुज मिश्रा ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। इस शर्मनाक घटना ने इलाके में भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। अब वहाँ की लड़कियाँ डरी हुई हैं और माता-पिता अपनी बेटियों को कॉलेज भेजने से पहले कई बार सोच रहे हैं।
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थाना शाहाबाद पुलिस द्वारा मु0अ0सं0 478/25 धारा 127(2) /64(1)/61(2)(a)/351(3) बीएनएस व 3/5(3) उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम से संबंधित अभियुक्ता की गिरफ्तारी के संबंध में क्षेत्राधिकारी शाहाबाद की बाइट-#UPPolice pic.twitter.com/5wnEYCnfuN
— Hardoi Police (@hardoipolice) July 12, 2025
यह घटना न केवल व्यक्तिगत विश्वासघात की कहानी है, बल्कि यह लव जिहाद जैसे षड्यंत्रों की भी स्पष्ट तस्वीर पेश करती है, जहाँ दोस्ती, विश्वास और इंसानियत को हथियार बनाकर मासूम लड़कियों को फँसाया जाता है। यह केस एक चेतावनी है कि सतर्क रहना ज़रूरी है और किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करना ही सबसे अच्छा उपाय है।