देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान आईआईटी (आईएसएम) धनबाद आज 9 दिसंबर को अपना 100वां स्थापना दिवस मना रहा है। संस्थान के इस शताब्दी समारोह के लिए विशेष मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इस ऐतिहासिक अवसर पर देश के जाने-माने उद्योगपति और अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। उन्होंने मौके पर मौजूद छात्रों को संबोधित किया।
आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के मंच से अपने संबोधन में गौतम अदाणी ने कहा कि यह उनके लिए जीवन में एक बार मिलने वाला ऐतिहासिक अवसर है कि वे उस धरती पर खड़े हैं, जहाँ से देश को कई महान और ज्ञानवान व्यक्तित्व मिले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह देखकर आश्चर्य होता है कि एक सदी पहले, जब भारत ब्रिटिश शासन के अधीन था, तब भी इंडियन नेशनल कांग्रेस ने खनन और भूविज्ञान विशेषज्ञों की जरूरत को समझते हुए इस संस्थान की स्थापना का महत्व पहचाना।
#WATCH | Dhanbad, Jharkhand: Adani Group Chairman Gautam Adani says, "…It is not every day that one is invited to speak at the 100th anniversary of any institute. When that celebration belongs to IIT-ISM, Dhanbad, it is far more than an invitation… It is a once-in-a-lifetime… https://t.co/FrrWaLxhm1 pic.twitter.com/nVSVirR6XW
— ANI (@ANI) December 9, 2025
गौतम अदाणी ने आगे कहा कि अगर भारत को अपनी तकदीर बदलनी है, तो उसे अपनी मिट्टी की ताकत को समझना होगा। जब तक देश अपनी जड़ों और मूल शक्ति को नहीं पहचानेगा, तब तक प्रगति संभव नहीं है। उनके अनुसार, यह समारोह केवल अतीत को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने का महत्वपूर्ण समय भी है। उन्होंने कहा कि वे इसी विषय पर अपने विचार साझा कर रहे हैं।
अपने भाषण में अदाणी समूह के चेयरमैन ने यह भी बताया कि दुनिया इस समय अभूतपूर्व बदलावों से गुजर रही है। जो देश पहले सहयोग करते थे, ट्रेड और सप्लाई चेन साझा करते थे, अब वही देश अपने हितों को आगे रखते हुए पीछे हटने लगे हैं। सेमीकंडक्टर पर वैश्विक प्रतिस्पर्धा, टैरिफ विवाद और वैश्विक व्यापार प्रणाली का टूटना अब नए नॉर्मल की तरह बन चुका है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस बदलते माहौल का प्रभाव दुनिया की सबसे शक्तिशाली संस्थाओं जैसे NATO, WTO और संयुक्त राष्ट्र (UN) पर भी पड़ा है। ये संस्थाएँ भी अब अपने पुराने नियमों और प्रक्रियाओं की समीक्षा करने को मजबूर हो रही हैं। अदाणी ने कहा कि अब हर देश अपनी सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि मानते हुए ही फैसले ले रहा है।
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