उत्तर प्रदेश में बढ़ते लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण के मामलों को रोकने और पीड़ित महिलाओं को सुरक्षा एवं सम्मान दिलाने के उद्देश्य से विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने नवरात्रि के अवसर पर एक बड़ा अभियान शुरू किया है, जिसे ‘ऑपरेशन कलावा’ नाम दिया गया है। यह अभियान विशेष रूप से उन महिलाओं की “घर वापसी” कराने पर केंद्रित है, जो छल, प्रलोभन या दबाव के कारण अपना धर्म बदलने को मजबूर हुई हैं। परिषद ने इस मिशन को सफल बनाने के लिए ‘नवदुर्गा टास्क फोर्स’ का गठन किया है, जिसमें नौ प्रशिक्षित महिलाएँ शामिल हैं। इन सभी को खास तौर पर तैयार किया गया है ताकि वे प्रदेशभर में सक्रिय रहकर पीड़िताओं तक पहुँच सकें, उन्हें मानसिक सहारा दे सकें और कानून व समाज के स्तर पर मदद कर सकें।
मंगलवार को नवरात्र के मौके पर विश्व हिंदू रक्षा परिषद की ओर से धर्मांतरण को रोकने के लिए एक खास पहल शुरू की गई, जिसके तहत संगठन की ओर से ऑपरेशन कलावा की शुरुआत करते हुए विश्व हिंदू रक्षा परिषद के कार्यालय में धर्मांतरण काउंसलिंग सेंटर को भी शुरू किया गया।
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— One India News (@oneindianewscom) September 23, 2025
रिपोर्टों के अनुसार, यह टास्क फोर्स न सिर्फ पीड़ित महिलाओं की पहचान करेगी बल्कि उनके परिवारों को जागरूक कर उन्हें धर्मांतरण के खतरों और कानूनी अधिकारों की जानकारी भी देगी। परिषद की प्रदेश अध्यक्ष रिंकी गुप्ता ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई सिर्फ धार्मिक पहचान की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि उन महिलाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की कोशिश है जिनके जीवन को झूठे रिश्तों और छलावे ने प्रभावित किया है। परिषद ने इसके लिए धर्मांतरण काउंसलिंग सेंटर भी खोला है, जहाँ पीड़िताओं को कानूनी सलाह, काउंसलिंग और पुनर्वास की सहायता दी जाएगी।
इस अभियान में टास्क फोर्स पाँच प्रमुख बिंदुओं पर काम कर रही है:
- युवतियों को नकली सोशल मीडिया प्रोफाइल और फर्जी पहचान वाले लोगों से सतर्क रहने की सलाह देना।
- अनजान व्यक्तियों के साथ निजी जानकारी साझा करने से बचने की चेतावनी देना।
- धर्म या संस्कृति से जुड़े अजीब या संदिग्ध सवालों पर तुरंत परिवार और समुदाय से सलाह लेने की प्रेरणा देना।
- अगर कोई व्यक्ति धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालता है, तो डरने के बजाय परिवार, समाज और संगठन से मदद लेने के लिए प्रोत्साहित करना।
- पीड़िताओं को संगठन के हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से तुरंत सहायता उपलब्ध कराना।
विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने बताया कि उसके हेल्पलाइन पर अब तक 5 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं, जिनमें से करीब 1 हजार मामलों का समाधान किया जा चुका है। यह आँकड़ा दर्शाता है कि समाज में इस प्रकार की जागरूकता और संरक्षण मुहिम की कितनी गहरी आवश्यकता है। संगठन का दावा है कि यह प्रयास सिर्फ धर्मांतरण की साजिशों को उजागर करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह पीड़ित महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, उनके मानसिक घाव भरने और उन्हें उनके परिवार तथा परंपराओं से जोड़ने का भी एक व्यापक सामाजिक आंदोलन है।
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