सीरिया पर इजरायली हमले से पाकिस्तान और ईरान में मची हलचल
सीरिया पर बुधवार को हुए इजरायली हमले ने पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र में तनाव और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। इस हमले में इजरायली वायुसेना ने दमिश्क स्थित सीरिया के रक्षा मंत्रालय को निशाना बनाकर भीषण बमबारी की। इससे इलाके में भारी तबाही मची और राजधानी में अफरा-तफरी फैल गई। हालांकि, इस हमले में कितनी मौतें हुईं, इसकी अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
An airstrike was carried out by the Israeli Air Force near Syria's Ministry of Defense, and Syria was given an open warning.
Are you all standing with Israel ? pic.twitter.com/D0QXfTHQFV
— Netanyahu Commentary (@NetanyahuSpoof) July 16, 2025
इजरायल के इस आक्रमण से ईरान और पाकिस्तान दोनों ही चिंतित नजर आ रहे हैं। ईरान ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि इजरायली शासन का व्यवहार खतरनाक और बेकाबू होता जा रहा है। ईरान के विदेश मंत्री महमूद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर चिंता जताते हुए लिखा कि अगला निशाना कौन सा राजधानी शहर होगा, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है। उन्होंने विश्व समुदाय से इजरायल की आक्रामकता को रोकने के लिए एकजुट होने की अपील की और सीरिया की संप्रभुता का समर्थन दोहराया।
JUST IN: "Israel dares not look at Pakistan."
Pakistan’s Foreign Minister and Deputy Prime Minister on Israeli airstrikes and fighter jets in Iran, neighbouring Pakistan. pic.twitter.com/pr1hRg4Xu2
— Sulaiman Ahmed (@ShaykhSulaiman) June 17, 2025
वहीं पाकिस्तान में भी इजरायली हमले को लेकर घबराहट का माहौल है। पाकिस्तान के कई नेता पहले ही आशंका जता चुके हैं कि अगर इजरायल अपने दुश्मन देशों पर ऐसे ही हमले करता रहा, तो अगला निशाना इस्लामाबाद हो सकता है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर इजरायल इस्लामाबाद पर हमला करने की कोशिश करता है तो पाकिस्तान उसका मुंहतोड़ जवाब देगा।
पाकिस्तानी नेता असद कसर ने भी स्पष्ट रूप से कहा कि इजरायल की आक्रामक नीति और हालिया हमले इस ओर इशारा करते हैं कि पाकिस्तान खतरे की जद में आ सकता है। इससे पहले ईरान पर हुए हमले के दौरान भी पाकिस्तान ने यही आशंका जताई थी और इजरायल के खिलाफ मुस्लिम देशों को एकजुट होने का आह्वान किया था।
इजरायल की लगातार आक्रामक कार्रवाई और उसके द्वारा पड़ोसी देशों के खिलाफ अपनाई जा रही युद्ध नीति से पूरा क्षेत्र अस्थिरता की ओर बढ़ता दिख रहा है, जिससे पश्चिम एशिया के हालात और भी गंभीर होते जा रहे हैं।