असम में ‘एडवांटेज असम’ 2.0 निवेश और बुनियादी ढांचा शिखर सम्मेलन का आयोजन बड़े स्तर पर हो रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में उद्घाटन करेंगे। यह शिखर सम्मेलन असम और पूरे उत्तर-पूर्वी भारत में औद्योगिक निवेश और बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया जा रहा है।
शिखर सम्मेलन की प्रमुख बातें
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे, जिसमें उद्योगपतियों और विदेशी व्यापार प्रतिनिधियों की बड़ी भागीदारी होगी।
- असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी मौजूद रहेंगे।
- इस मौके पर देश के प्रमुख उद्योगपति शामिल होंगे:
- मुकेश अंबानी (रिलायंस इंडस्ट्रीज)
- गौतम अडानी (अडानी समूह)
- सज्जन जिंदल (JSW समूह)
- प्रशांत रुइया (एस्सार)
- अनिल अग्रवाल (वेदांता)
- 61 देशों के राजदूतों के साथ भूटान, थाईलैंड, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, इंडोनेशिया और जापान जैसे साझेदार देशों के व्यापार प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।
महत्वपूर्ण मंत्री और उनके सत्र
- विदेश मंत्री एस. जयशंकर और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मंगलवार को विभिन्न सत्रों की अध्यक्षता करेंगे।
- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बुधवार को समापन सत्र को संबोधित करेंगी।
बड़ी निवेश संभावनाएं
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि शिखर सम्मेलन के दौरान 1.22 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद है। यह निवेश बुनियादी ढांचे, लॉजिस्टिक्स, पेट्रोकेमिकल, पर्यटन, कृषि और ऊर्जा क्षेत्रों में होगा।
असम और उत्तर-पूर्वी भारत के लिए महत्व
- यह शिखर सम्मेलन असम को एक उद्योग और निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।
- ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ के तहत यह सम्मेलन दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के साथ व्यापारिक संबंधों को मजबूत करेगा।
- असम और पूर्वोत्तर राज्यों में नए उद्योगों, नौकरियों और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
‘एडवांटेज असम’ 2.0 निवेश शिखर सम्मेलन असम और पूरे उत्तर-पूर्वी भारत के लिए बड़ी आर्थिक संभावनाओं का द्वार खोल सकता है। प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति, प्रमुख उद्योगपतियों की भागीदारी, और बड़े निवेश सौदों के कारण यह शिखर सम्मेलन असम को एक प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।