कार्यक्रम का संक्षिप्त विवरण
| दिनांक | मुख्य कार्य |
|---|---|
| 1 जून | काशी के विद्वानों का अयोध्या प्रस्थान |
| 2 जून | कलश यात्रा और स्थल पूजन, पंडाल की अंतिम तैयारियाँ |
| 3 जून (पहला दिन) | मंडप में देवताओं का आह्वान (आह्वान मंत्रोच्चार) और जलाधिवास |
| 4 जून (दूसरा दिन) | पूजन-नैवेद्य (अन्नाधिवास), स्नान, प्रसाद वितरण, मूर्ति भ्रमण |
| 5 जून (तीसरा दिन) | प्राण प्रतिष्ठा, महापूजन, महाआरती |
1 जून – विद्वानों का आगमन
- स्थान: अयोध्या धाम
- विवरण: काशी के सभी विद्वान् और आचार्य (यजुर्वेद, ऋग्वेद, 12 वेदपाठियों सहित) 1 जून को पहुंचेंगे।
2 जून – कलश यात्रा व तैयारी
- सुबह: पवित्र कलश यात्रा (स्थान–स्थान से न्यास-स्थल तक)
- संध्या: मंच–मंडप, यज्ञशाला एवं पूजन स्थल की अंतिम सज्जा
3 जून – आह्वान एवं जलाधिवास
- प्रातः:
- श्रीरामदरबार सहित 7 देवालयों (राम, गणेश, सूर्य, अन्नपूर्णा, भगवती, शेषावतार, शिव) के देवताओं का आह्वान मंत्रोच्चार
- जलाधिवास (पंचामृत, पवित्र जल से आवाहन)
- दोपहर:
- आचार्य पं. जयप्रकाश त्रिपाठी (पं. लक्ष्मीकांत दीक्षित के प्रमुख शिष्य) द्वारा संहिता-निर्देशन
4 जून – पूजन, अन्नाधिवास और मूर्ति भ्रमण
- प्रातः:
- देवताओं का स्नान (अघोरा विधि)
- अन्नाधिवास (विशेष भोज्य सामग्री)
- दोपहर:
- प्रसाद वितरण
- मूर्ति भ्रमण (प्रतिमा सहित शोभायात्रा, परिसर की परिक्रमा)
- वैदिक मंत्र, गर्भगृह उद्घाटन
5 जून – प्राण प्रतिष्ठा, महापूजन एवं महाआरती
- प्रातः:
- प्राण प्रतिष्ठा (मुख्य अनुष्ठान, विद्वानों द्वारा विशेष मंत्रोच्चार)
- महापूजन (सप्तदेवालयों का समर्पित आराधना)
- संध्या:
- महाआरती (दीप-उत्सव, पारंपरिक भक्ति-संगीत)
- पूजन-अनुष्ठान का समापन एवं आर्शीवाद वितरण
प्रमुख विवरण
- मुख्य आचार्य: पं. जयप्रकाश त्रिपाठी (काशी), साथ में दो बीएचयू ज्योतिष विभाग के विद्वान्
- विद्वान गणना:
- 11 यजुर्वेद विद्वान्
- ऋग्वेद के विद्वान्
- 12 वेदपाठी
- देशभर से कुल 101 आचार्य
- स्थल: श्रीराम जन्मभूमि परिसर, अयोध्या
- विग्रह: श्रीरामदरबार, गणेशजी, सुर्यनारायण, माता अन्नपूर्णा, माता भगवती, शेषावतार, शिवजी