उत्तर प्रदेश में सामने आए छांगुर बाबा अवैध धर्मांतरण रैकेट मामले में अब एक पीड़िता के सामने आने के बाद गंभीर खुलासे हुए हैं। पीड़िता ने बताया कि छांगुर बाबा किस तरह से हिंदू लड़कियों को फंसाकर जबरन इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मजबूर करता था। अगर कोई लड़की उसकी गिरफ्त से निकलने की कोशिश करती, तो वह उसे ब्लैकमेल करता और डराने-धमकाने का सिलसिला शुरू करता।
ब्लैकमेलिंग का खुलासा:
पीड़िता ने बताया कि तीन महीने तक छांगुर रैकेट के कब्जे में रहने के बाद वह किसी तरह भागकर घर पहुंची। इसके बाद, एक व्यक्ति मिराज, उसके घर आया और पीड़िता और अन्य लड़कियों के अश्लील वीडियो उसके पिता को दिखाए। मिराज ने वीडियो डिलीट करने के बदले एक शर्त रखी — कि पीड़िता की छोटी बहन की शादी उससे कर दी जाए। जब पिता ने यह शर्त नहीं मानी, तो उन्होंने गुस्से में मिराज के सिर पर रॉड मार दी, जिससे मिराज की मौत हो गई।
#WATCH | Chhangur conversion racket | Lucknow, UP: One of the victims claims, "I escaped and reached my home after three months. A person named Miraj reached my house and showed my father explicit videos of other girls and mine. My father asked him to delete them. He told my… pic.twitter.com/QrbdGwhvfI
— ANI (@ANI) July 14, 2025
केस दर्ज, पर कार्रवाई नहीं:
पीड़िता का आरोप है कि उसके पिता ने इस घटना के बाद स्वेच्छा से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन मिराज का समाजवादी पार्टी से संबंध होने के कारण पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इसके विपरीत, अब परिवार पर ही झूठे केसों का दबाव बनाया जा रहा है और पिता-मां को जेल भेज दिया गया है।
धमकियों का सिलसिला:
पीड़िता ने बताया कि मिराज के परिजन और कई स्थानीय मुस्लिम लोग बार-बार आकर उसे और उसके भाई को कोर्ट में पेश न होने की धमकी देते हैं। विश्व हिंदू परिषद (VHP) को बयान देने के बाद धमकियाँ और तेज़ हो गई हैं। पीड़िता का कहना है कि मिराज के मोबाइल डेटा को खंगालने से बड़े पैमाने पर धर्मांतरण रैकेट का पर्दाफाश हो सकता है।
छांगुर और नीतू की गिरफ्तारी:
छांगुर बाबा और उसकी सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन पहले से ही यूपी एटीएस की रिमांड में हैं। उनसे पूछताछ के दौरान धर्मांतरण नेटवर्क, लड़कियों के ब्रेनवॉश और वीडियो के ज़रिए ब्लैकमेलिंग की रणनीति को लेकर कई सुराग मिले हैं। आज इस रैकेट में एक और आरोपी की गिरफ्तारी हुई है।
यह मामला अब सिर्फ धर्मांतरण का नहीं, बल्कि युवतियों को फँसाकर उन्हें मानसिक, सामाजिक और यौन उत्पीड़न से गुजरने पर मजबूर करने का गंभीर मामला बन चुका है। पीड़िता की बहादुरी ने इस संगठित रैकेट का चेहरा उजागर कर दिया है, जिस पर अब कानूनी और सामाजिक दोनों मोर्चों पर सख्त कार्रवाई की माँग की जा रही है।