भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार, 15 जुलाई 2025 को चार दिन की गिरावट के बाद हल्की बढ़त के साथ शुरुआत की। सेंसेक्स में 150 अंकों से अधिक की तेजी आई और यह 82,421.96 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 25,141.50 के स्तर तक पहुंच गया। इस सुधार का मुख्य कारण जून महीने में खुदरा महंगाई दर का गिरकर 2.10 प्रतिशत पर आना है, जो पिछले छह वर्षों में सबसे कम है। यह लगातार पांचवां महीना है जब महंगाई दर रिजर्व बैंक के 4% लक्ष्य से नीचे बनी हुई है, जिससे ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ गई है। इससे इकॉनॉमी को गति मिल सकती है और बाजार में सकारात्मक सेंटीमेंट बन सकता है।
साथ ही एशियाई बाजारों से भी बाजार को सपोर्ट मिला है, खासकर हांगकांग के बाजार में मजबूती दिखी, जिससे MSCI Asia-Pacific इंडेक्स (जापान को छोड़कर) में 0.5% की तेजी आई। हालांकि, जापान और अमेरिका में बॉन्ड यील्ड बढ़ने और वैश्विक व्यापार तनाव की अनिश्चितता अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है, जिससे उभरते बाजारों में विदेशी निवेश प्रभावित हो सकता है।
इससे पहले सोमवार को भारतीय शेयर बाजार लाल निशान पर बंद हुआ था, जब सेंसेक्स 247 अंक और निफ्टी 67 अंक टूट गया था। IT सेक्टर में कमजोरी और नई वैश्विक टैरिफ को लेकर चिंताओं ने बाजार को दबाव में रखा। अब निवेशकों की निगाहें आगामी अर्निंग सीजन और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर टिकी हैं। महंगाई में राहत बाजार के लिए फिलहाल एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए यह देखना अहम होगा कि मौजूदा रिकवरी कितनी स्थायी साबित होती है।