स्वीडन में एक बेहद चौंकाने वाला और संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसने पूरे यूरोप को झकझोर दिया है। 61 वर्षीय एक व्यक्ति पर आरोप है कि उसने अपनी पत्नी को नशीली दवाएँ देकर और धमकाकर 120 से अधिक पुरुषों के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया।
इस मामले की सुनवाई शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026 को हर्नोसैंड की एक कोर्ट में शुरू हुई। यह केस फ्रांस के चर्चित Dominique Pelicot case जैसा बताया जा रहा है, जिसने पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनसनी फैलाई थी।
फार्महाउस में कैद कर किया शोषण
अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपित ने अपनी पत्नी को उत्तरी स्वीडन के एक सुनसान फार्महाउस में कैद कर रखा था। वह इंटरनेट के जरिए लोगों से संपर्क करता और पत्नी को नशीली दवाएँ देकर उनके साथ जबरन संबंध बनाने के लिए मजबूर करता था।
पीड़िता की निगरानी के लिए घर में जासूसी कैमरे लगाए गए थे और पूरे घटनाक्रम को रिकॉर्ड किया जाता था, जिसे सबूत और ब्लैकमेलिंग के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था।
धमकियाँ और डर का माहौल
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि आरोपी अपनी पत्नी को लगातार जान से मारने, उंगलियाँ काटने और जिंदा जलाने जैसी भयावह धमकियाँ देता था। इन धमकियों के कारण पीड़िता लंबे समय तक चुप रहने को मजबूर रही।
यह कथित अत्याचार 2022 से शुरू हुआ और अक्टूबर 2025 में तब सामने आया जब पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
120 से अधिक लोगों की पहचान
जांच एजेंसियों ने अब तक इस मामले में 120 से अधिक पुरुषों की पहचान की है, जिनमें से 28 पर औपचारिक आरोप तय किए जा चुके हैं।
हालांकि, आरोपी ने अदालत में खुद को निर्दोष बताया है और दावा किया है कि यह सब उसकी पत्नी की सहमति से हुआ था।
बंद कमरे में चल रही सुनवाई
मामले की गंभीरता और पीड़िता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अदालत ने सुनवाई को बंद कमरे (इन-कैमरा) में करने का फैसला लिया है, ताकि उसकी पहचान गोपनीय रखी जा सके।
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