उत्तर प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए संभावित बड़े हमले को टाल दिया है। संयुक्त ऑपरेशन में Uttar Pradesh Anti-Terrorism Squad (ATS) और Uttar Pradesh Special Task Force (STF) ने बिजनौर से दो संदिग्धों—Uvaid Malik और Jalal Haider—को गिरफ्तार किया है।
जाँच में सामने आया है कि ये आरोपी लखनऊ रेलवे स्टेशन पर विस्फोट करने की साजिश रच रहे थे। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड आकिब है, जो दुबई में बैठकर ऑपरेशन चला रहा था और उसके पाकिस्तानी हैंडलर्स से सीधे संपर्क थे।
सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथ फैलाने की कोशिश:
जाँच एजेंसियों के मुताबिक, आकिब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय युवाओं का ब्रेनवॉश कर उन्हें कट्टरपंथ की ओर धकेल रहा था। नवंबर 2025 में इन आरोपितों का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें वे AK-47 और ग्रेनेड जैसे हथियारों के साथ नजर आए थे। इसी वीडियो के आधार पर पहले बंद हो चुके केस को दोबारा खोला गया, जिसके बाद यह बड़ी कार्रवाई संभव हो पाई।
फरार आरोपितों की तलाश तेज:
इस मामले में दो अन्य आरोपी—मैजुल और आजाद—फिलहाल दक्षिण अफ्रीका और सऊदी अरब में छिपे हुए बताए जा रहे हैं। इनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया गया है।
वहीं, नजीबाबाद के समीर उर्फ रुहान की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है। गिरफ्तार आरोपितों के पासपोर्ट रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
बड़ी साजिश नाकाम, एजेंसियों की सतर्कता:
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि समय रहते हुई इन गिरफ्तारियों से देश में अस्थिरता फैलाने की एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश को विफल कर दिया गया है। यह ऑपरेशन राज्य और केंद्र की सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और समन्वय का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।
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