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चुनाव आयुक्त की भूमिका पर उठे सवाल, BSF ने कहा-ठीक से नहीं किया काम

चुनाव आयुक्त की भूमिका पर उठे सवाल, BSF ने कहा-ठीक से नहीं किया काम

पंचायत चुनाव में हिंसा के बीच राज्य चुनाव आयोग पर भूमिका नहीं पालन करने का आरोप लगा है. बीएसएफ के आईजी ने राज्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात की. सूत्रों का कहना है कि बीएसएफ के आईजी ने कहा कि राज्य चुनाव आयोग ने प्रोफेसनल ढंग से अपनी भूमिका का पालन नहीं किया है. दूसरी ओर, राज्य चुनाव आयुक्त राजीव सिन्हा ने भी स्वीकार किया है कि चुनाव के दौरान हिंसा हुई है और यदि जरूरत पड़ी तो पुनर्मतदान कराये जाएंगे.

बीएसएफ की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल राज्य में आज 3317 ग्राम पंचायतों, 341 पंचायत समितियों तथा 20 जिला परिषदों के चुनाव हो रहे हैं. इन चुनावों को सुरक्षित माहौल में करवाने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 61,636 पोलिंग बूथ बनाए हैं.

इन चुनावों को सुरक्षित माहौल में करवाने हेतु केंद्रीय सुरक्षा बलों तथा दूसरे राज्य के पुलिस बल के 59,000 जवानों को तैनात किया गया है, जिन्हें संवेदनशील पोलिंग बूथों पर ही तैनात किया गया है तथा शेष पोलिंग बूथों पर राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों के शेष जवानों को सुरक्षा की जिम्मेवारी दी गई है.

शाम को मतदान की प्रक्रिया समाप्त होने के पश्चात सभी मतदान पेटियां को स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा जाएगा, जिसकी सुरक्षा की जिम्मेवारी अर्धसैनिक बलों की होगी, स्ट्रॉन्ग रूमों की संख्या 339 है.

रिपोर्ट लिखे जाने तक शनिवार को कुल 14 लोगों की मौत हो चुकी है. लेकिन राज्य चुनाव आयुक्त राजीव सिन्हा अब भी कहते हैं कि अभी यह कहने का समय नहीं आया है कि चुनाव शांतिपूर्ण होगा या अशांत.

हिंसा की मिली है शिकायत

मीडिया को दिए इंटरव्यू में राज्य चुनाव आयुक्त ने कहा, ‘अभी यह कहने का समय नहीं है कि चुनाव शांतिपूर्ण होगा या अशांत.’ हालांकि, राज्य चुनाव आयुक्त ने माना है कि जिले में हिंसा की कई शिकायतें मिली हैं.

राजीव सिन्हा ने यह भी आश्वासन दिया कि जरूरत पड़ने पर किसी भी बूथ पर दोबारा चुनाव कराया जा सकता है. उन्होंने कहा, ”अलग-अलग जिलों से शिकायतें आई हैं. यदि आवश्यक हुआ तो पुनः चुनाव कराया जाएगा.

दरअसल, मतदान के दिन सुबह से ही विपक्ष राज्य चुनाव आयुक्त की भूमिका को लेकर एक के बाद एक सवाल उठा रहा है. इस दिन वोटिंग शुरू होने से पहले ही अलग-अलग जिलों से मौत की खबरें आ रही थीं.

कराये जाएंगे पुनर्मतदान

हालांकि, राजीव सिन्हा आज सुबह से राज्य चुनाव आयुक्त के रूप में अपने कार्यालय नहीं आए. वह अन्य दिनों की तरह कार्यालय समय में राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय पहुंचे. मुख्य चुनाव आयुक्त की इस ‘उदासीनता’ पर भी सवाल उठ रहे हैं.

आयोग के मुताबिक, अब तक 7 हत्याएं हो चुकी हैं. कुछ बूथों पर मतपत्र चोरी और बूथ पर कब्जे की शिकायतें भी सामने आई हैं. उन सभी शिकायतों की जांच की जा रही है. उसके बाद ही वोट से फैसला होगा. दरअसल, पंचायत चुनावों में कुछ बूथों पर दोबारा चुनाव की मिसालें हैं. लेकिन अभी भी यह स्पष्ट नहीं है कि दोबारा चुनाव किस आधार पर होगा या होगा भी या नहीं.

Filed under West Bengal

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